Ghaziabad News: गाजियाबाद से कानपुर की दूरी को कम करने के लिए और यात्रा समय घटना के लिए गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारी की जा रही है। इस नए एक्सप्रेस-वे का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेस-वे का डीपीआर तैयार हो गया है। इस डीपीआर की समीक्षा दिल्ली में सड़क परिवहन और राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की गई है। उन्होंने डीपीआर की समीक्षा की और परियोजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेस-वे
इस परियोजना से न केवल गाजियाबाद और कानपुर को बल्कि कुल 8 शहरों को लाभ मिलेगा। गाजियाबाद और कानपुर में विकसित होने वाले इस एक्सप्रेस-वे का नाम ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गाजियाबाद से कानपुर का सफर सुगम और सरल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। परियोजना का निर्माण गाजियाबाद से शुरू किया जाएगा। आइए आपको इस परियोजना के बारे में विस्तार से बताएं...
कितने लेन की होगी परियोजना
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा गाजियाबाद से कानपुर तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण फोर लेन में किया जाएगा। ये प्रोजेक्टर 380 किमी लंबा होगा। बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का अधिग्रहण 4 नहीं आठ लेन एक्सप्रेस-वे के तर्ज पर किया गया है। लेकिन इसके साथ बनने वाले फ्लाईओवर और सर्विस रोड कॉरिडोर का निर्माण छह लेन के आधार पर किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के उन्नाव और कानपुर के बीच होगी और गाजियाबाद से हापुड़ में मेरठ एक्सप्रेस-वे के साथ होगी। इसके आधार पर पूरी डीपीआर तैयार किया है और भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
किन 8 शहरों को होगा लाभ
गाजियाबाद से कानपुर बनने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने से 8 शहरों को लाभ होगा। उन शहरों के नाम क्रमशः गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर, और उन्नाव है। बता दें कि पहले गाजियाबाद से कानपुर की दूरी को तय करने में 10 से 11 घंटे का समय लगता था लेकिन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद वो समय घट कर 5 घंटा 40 मिनट हो जाएगा। ऐसे में लोग आसानी से गाजियाबाद से कानपुर की यात्रा कर पाएंगे।
एक्सप्रेस-वे की लागत
गाजियाबाद से कानपुर तक बनने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण 15 हजार करोड़ रुपये की लागत के साथ किया जा रहा है। इसमें गाजियाबाद से कानपुर फोरलेन एक्सप्रेस-वे, अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण भी शामिल है, जो मेरठ एक्सप्रेस-वे और लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहे एक्सप्रेस-वे को उन्नाव के कानपुर के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
