Ghaziabad News: गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में चलती कार में गर्भवती महिला से गैंगरेप की वारदात फर्जी निकली है। पीड़ित महिला अपने बयान से पलट गई है। जिला न्यायालय में पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में आरोपों से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेट की जांच की गई है। साथ ही 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। इसके अलावा आरोपियों के भी बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। लेकिन कहीं भी गैंगरेप के साक्ष्य पुलिस को नहीं मिले है। पुलिस ने पीड़िता के बयान से पलटने के बाद इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस खत्म कर दिया।
गैंगरेप की घटना निकली झूठी
5 जुलाई को दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पीड़िता ने साउथ ईस्ट दिल्ली के सनसाइन कॉलोनी थाने में 5 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें 20 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि प्रेमी के साथ लिव-इन में रहती है और चार महीने की गर्भवती है। वह सेक्टर-63 की एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। महिला ने बताया था कंपनी में ठेकेदारी का काम करने वाला समीर उसे बाइक से लेकर खोड़ा गया था। जहां पहले से ही कार में खड़ी थी और उसमे सतेंद्र और एक अज्ञात व्यक्ति सवार थे। आरोपी समीर ने उसे कार में बैठाया और कुछ दूरी पर उसे सॉफ्ट ड्रिंक खरीदकर। जिसे पीकर महिला का सिर भारी हो गया। जिसके बाद बेहोशी की हालत में तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
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बदला लेने के लिए लगाया झूठा आरोप
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट के समझ अपने बयान से बलट गई। महिला ने कहा कि कार में जाते समय अन्य दो युवकों से उसकी किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने युवकों से अंजाम भुगतने की बात कही थी। जिसके बाद महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था।
