ऋषि-मुनि परंपरा ही विश्व मानवता की असली मार्गदर्शक, पंचकल्याणक महोत्सव में सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा सदियों से विश्व मानवता को दिशा देती आई है। मुरादनगर में आयोजित पंचकल्याणक महामहोत्सव में शामिल होकर उन्होंने जैन तीर्थंकरों की शिक्षाओं और ऋषि-मुनियों की विरासत को मानवता के लिए प्रेरक बताया। सीएम योगी ने आचार्यों की कठोर साधना और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए नौ संकल्पों को वैश्विक कल्याण का मार्ग बताया।

Ghaziabad News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत की संस्कृति संतों, ऋषियों और महापुरुषों के त्याग और बलिदान से निर्मित एक महान विरासत है, जिसने सदियों से विश्व मानवता को दिशा और प्रेरणा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में आज भी श्रद्धा और उपासना की पवित्र विधियां उसी भाव से आगे बढ़ रही हैं। सीएम योगी ने बताया कि कुछ दिन पहले अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण से जुड़े महायज्ञ की पूर्णाहुति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विशाल भगवा ध्वज के आरोहण का कार्यक्रम पूरी दुनिया ने देखा, जो भारत के सनातन वैभव का प्रतीक है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी मुरादनगर स्थित तरुण सागरम् तीर्थ पहुंचे, जहां उन्होंने पंचकल्याणक महामहोत्सव के तहत मात्र 100 दिनों में निर्मित गुफा मंदिर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने भगवान पार्श्वनाथ और संत तरुण सागर महाराज को नमन किया। कार्यक्रम में सीएम ने ‘मेरी बिटिया’ और ‘अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ’ पुस्तकों का भी विमोचन किया।

CM Yogi during the Panch Kalyanak Maha Mahotsav in Ghaziabad (Photo: Twitter - @myogiadityanath)

गाजियाबाद में पंचकल्याणक महा महोत्सव के दौरान सीएम योगी (फोटो: ट्विटर - @myogiadityanath)

जैन दर्शन शिक्षाओं का महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव सहित चार जैन तीर्थंकरों का जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि काशी भी चार जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली रही है, जबकि श्रावस्ती में भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। सरकार ने फाजिलनगर, जहां यह पावन घटना घटित हुई थी, उसका नाम बदलकर ‘पावा नगरी’ करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को करुणा, मैत्री, अहिंसा और ‘जियो और जीने दो’ जैसे सार्वभौमिक संदेश देकर मानवता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन की यह शिक्षाएं सिर्फ मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी जीव-जंतुओं के संरक्षण और सम्मान की बात भी करती हैं, जिसकी सार्थकता आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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