Kulwant Ali Arrested: पंजाब में हुए चर्चित हैंड ग्रेनेड हमलों और सीमा पार से चल रहे आतंकी षड्यंत्रों की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पंजाब पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से कुलवंत अली नामक एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े होने तथा 13 सितंबर 2026 को फाजिल्का जिले के जलालाबाद में हुए हैंड ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।
फरीदाबाद से गिरफ्तार हुआ ISI-आतंकी शहजाद भट्टी का हैंडलर कुलवंत अली, जलालाबाद हैंड ग्रेनेड हमले और RDX साजिश का है आरोपी
जलालाबाद हैंड ग्रेनेड हमले में था वांटेड
पुलिस जांच के अनुसार, मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले का रहने वाला कुलवंत अली जलालाबाद में हुए हैंड ग्रेनेड हमले के बाद से ही कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जुटाए गए खुफिया इनपुट्स और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पंजाब पुलिस ने फरीदाबाद में एक विशेष अभियान चलाकर उसे दबोच लिया।
पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इस आतंकी साजिश में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका क्या थी और स्थानीय स्तर पर उसे किन लोगों ने शरण व लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया था।
श्रीगंगानगर में 8 किलो आरडीएक्स बरामदगी से भी जुड़ा तार
इस गिरफ्तारी को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कुलवंत अली का नाम केवल जलालाबाद हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में 8 किलोग्राम आरडीएक्स (RDX) बरामदगी के मामले में भी वह वांछित चल रहा था।
जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन दोनों बड़ी वारदातों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है और सीमा पार से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति में इसकी क्या संलिप्तता रही है।
सीमा पार नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश जारी
पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई: सीमा पार से हथियारों और ग्रेनेड की फंडिंग व डिलीवरी का चैन कैसे संचालित होता था।
स्थानीय और स्लीपर सेल नेटवर्क: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और आसपास के राज्यों में उसके अन्य साथी या स्लीपर सेल कितनी सक्रियता से काम कर रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि कुलवंत अली से पूछताछ के बाद कई अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं और राष्ट्रविरोधी तत्वों के नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है।
