Etawah Lok Sabha Seat : उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण की 13 सीट के लिए सोमवार को यानी कल मतदान होगा। इस चरण में कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव और खीरी में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' की प्रतिष्ठा दांव पर है। चौथे चरण के 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में शाहजहांपुर (आरक्षित), खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई (आरक्षित), मिश्रिख (आरक्षित), उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा (आरक्षित), कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, बहराइच (आरक्षित) लोकसभा सीट हैं, जिनमें आठ सीट सामान्य श्रेणी की हैं और पांच सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इन सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 130 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला दो करोड़ 46 लाख से अधिक मतदाता करेंगे। इनमें सबसे खास सीट इटावा संसदीय क्षेत्र है जो कभी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि रही है। ये पहला मौका होगा, जब मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यहां लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। तो आइये जानते हैं इस बार यहां का समीकरण क्या है और पार्टियों ने किन प्रत्याशियों पर दांव खेला है।
इटावा लोकसभा
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इटावा की पहचान मुलायम
इटावा जनपद की पहचान समाजवादी नेता दिवंगत मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की वजह से रही है। इटावा माननीय यादव की कर्मभूमि रही है। उनके राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो साल 1967 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। तब से यह जिला प्रदेश में राजनीतिक रसूख के लिए जाना जाने लगा। खुद मुलायम सिंह यादव सात बार जसवंतनगर विधानसभा से विधायक चुने गए, उसके बाद उनके छोटे भाई कद्दावर नेता शिवपाल यादव यहां से चार बार विधायक चुने गए। यही कारण रहा कि 1998 तक सपा का इस लोकसभा सीट पर कब्जा रहा। हालांकि, 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सुखदा मिश्र को जनता ने अपना आशीर्वाद दिया और वो सांसद बनकर संसद पहुंचीं। फिर 2014 की मोदी लहर में भाजपा के अशोक दोहरे को सांसद बनने का मौका मिला। इसके बाद 2019 में भाजपा के राम शंकर कठेरिया को जीत नशीब हुई।
इटावा यमुना नदी के तट पर बसा है। यहां कृषि की प्रधानता है। आपको यहां इटावा लायन सफारी का लुत्फ भी मिलेगा। यहां सुमेर सिंह का किला, चंबल, जुगरामऊ गांव, टैक्सी मंदिर, बाबरपुर, बकेवर, चकरनगर, जसौहारन, अहीरपुर, प्रताप नगर और सरसईनावर यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
इटावा सीट से अबतक ये माननीय रहे सांसद (Etawah Lok Sabha MP List)
| साल | सांसद | पार्टी |
| 1957 | अर्जुन सिंह भदौरिया | सोशलिस्ट पार्टी |
| 1962 | के जीएन दीक्षित | कांग्रेस |
| 1967 | अर्जुन सिंह भदौरिया | संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी |
| 1971 | श्रीशंकर तिवारी | कांग्रेस |
| 1977 | अर्जुन सिंह भदौरिया | जनता पार्टी |
| 1980 | राम सिंह शाक्य | जनता पार्टी |
| 1984 | रघुराज सिंह | चौधरी कांग्रेस |
| 1989 | राम सिंह शाक्य | जनता दल |
| 1991 | कांशीराम | बहुजन समाज पार्टी |
| 1996 | राम सिंह शाक्य | समाजवादी पार्टी |
| 1998 | सुखदा मिश्रा | बीजेपी |
| 1999 | रघुराज सिंह शाक्य | समाजवादी पार्टी |
| 2004 | रघुराज सिंह शाक्य | समाजवादी पार्टी |
| 2009 | प्रेमदास कठेरिया | समाजवादी पार्टी |
| 2014 | अशोक दोहरे | बीजेपी |
| 2019 | राम शंकर कठेरिया | बीजेपी |
बिन मुलायम सपा का पहला चुनाव
इटावा सीट से समाजवादी पार्टी को 4 बार और बीजेपी 3 बार जीत हासिल हुई है। हालांकि, पिछले 10 साल से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। 2024 में जहां सपा अपनी वापसी के लिए दमखम लगाए है, वहीं बीजेपी हैट्रिक की तलाश में है। इस सीट पर दलित वोटर्स का वर्चस्व है, जबकि ब्राह्मण वोटर्स की संख्या भी अच्छी खासी है। वैसे इटावा लोकसभा सपा का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन तीन बार उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा है। इस बार समाजवादी पार्टी ने जितेंद्र दोहरे पर भरोसा करते हुए चुनावी मैदान में उतारा है तो वहीं बीजेपी ने मौजूदा सांसद राम शंकर कठेरिया पर दोबारा भरोसा जताते हुए टिकट थमाया है। उधर, दलित वोटरों की संख्या को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने पूर्व सांसद सारिका सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।मुख्य उम्मीदवार (Key of Major Candidate)
- जितेंद्र दोहरे -सपा/INDIA
- राम शंकर कठेरिया - बीजेपी/NDA
- सारिका सिंह -बसपा
कब वोटिंग कब रिजल्ट
इस सीट पर चौथे चरण के लिए 13 मई यानी कल सोमवार को मतदान होना है। देखने वाली बात ये है कि मुलायम सिंह के न रहने के बाद समाजवादी पार्टी यहां खुद को कितना मजबूत कर पाती है। यहां भी 4 जून को पूरे देश के परिणामों के साथ ही रिजल्ट घोषित होगा।
इटावा लोकसभा सीट पर इतने मतदाता
इटावा लोकसभा सीट के अंतर्गत 5 विधानसभा सीटें आती हैं। एनबीटी में छपे लेख के मुताबिक, कुल पुरुष वोटरों की संख्या 8,01062 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 9,56, 876 है तो वहीं थर्ड जेंडर की वोटर्स की संख्या 46 है। वहीं, 2019 में यहां कुल मतदाताओं की संख्या 10, 27, 815 थी, जिसमें 5,58464 पुरुष मतदाता और 4,64,983 थी। यहां 2019 का मतदान प्रतिशत 58.47 फीसदी था। 2019 के चुनाव में भाजपा के राम शंकर कठेरिया को 5,22,119 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के कमलेश कुमार को 4,57,682 मत मिले थे। इस बार भी समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच मुकाबला माना जा रहा है।
2014 में ऐसा था रिजल्ट
वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अशोक दोहरे को पार्टी ने टिकट दिया था, जिन्होंने 4,39,646 वोट प्राप्त कर विजयी हुए थे। वहीं, सपा के प्रेमदास कटेरिया को 2,66,700 हासिल हुए थे। जबकि, बसपा के अजय पाल सिंह जाटव को 1,92,804 वोट प्राप्त हुए थे।
