दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया–हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
फायरिंग घटनाक्रम
17 अगस्त 2025 की सुबह करीब 5:25 बजे तीन बदमाश बाइक पर सवार होकर एल्विश यादव के घर पहुंचे थे। उनमें से दो ने घर पर अंधाधुंध फायरिंग की, जबकि तीसरा बाइक पर इंतजार करता रहा। घटना के तुरंत बाद गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया ने सोशल मीडिया के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर-56 थाने में मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली कि इस फायरिंग में शामिल दोनों शूटर दिल्ली में एक और वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। दोनों आरोपी नेपाल बॉर्डर की ओर भागने की कोशिश में थे, लेकिन गैंग लीडर ने उन्हें दिल्ली लौटकर नया काम सौंपा। इस सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने 24 अगस्त को शाहबाद डेयरी इलाके के खेड़ा नहर के पास घेराबंदी की। दोपहर में दोनों आरोपी वहां पहुंचे, जिनकी पहचान गौरव सिंह उर्फ निक्का (22 वर्ष) और आदित्य तिवारी (19 वर्ष) के रूप में हुई। इस दौरान एक आरोपी ने पिस्टल निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
गौरव सिंह उर्फ निक्का (22 वर्ष): फरीदाबाद निवासी, 10वीं तक पढ़ाई की है। वर्ष 2024 में राजस्थान में मूर्ति तोड़फोड़ के एक मामले में शामिल रहा। आदित्य तिवारी (19 वर्ष): मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले का रहने वाला, फिलहाल फरीदाबाद में पढ़ाई कर रहा है। शिला देवी कॉलेज से बीसीए कर रहा है। इसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
आगे की जांच
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नीरज फरीदपुरिया–हिमांशु भाऊ गैंग के लिए काम कर रहे थे और गैंग की ओर से ही उन्हें हथियार और आर्थिक मदद दी गई थी। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और वित्तीय नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है।
