फर्जी CSR डोनेशन रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में 8 ठिकानों पर मारे छापे, 200 करोड़ के फंड डायवर्जन की जांच तेज

CSR Donation Case: ईडी ने कथित फर्जी CSR डोनेशन रैकेट के खिलाफ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-NCR में 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये के CSR फंड को कथित तौर पर डायवर्ट करने और कमीशन व कैश के जरिए घुमाने का मामला सामने आया है।

CSR Donation Case: ED ने डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रदेव सिंह और अन्य से जुड़े कथित बोगस CSR डोनेशन रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-NCR में कुल 8 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान मार्केट ऑपरेटर, ट्रस्टी और बिचौलियों से जुड़े परिसरों को खंगाला गया। ED के मुताबिक, शुरुआती जांच में सैकड़ों करोड़ रुपये के CSR फंड को डायवर्ट करने वाले नेटवर्क का पता चला है। जांच एजेंसी ने इस मामले में PMLA के तहत जांच शुरू की है। यह कार्रवाई मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन में 12 जुलाई 2026 को दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई, जिसमें धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े अपराधों के आरोप हैं।

CSR Donation Case

200 करोड़ के CSR फंड की हेराफेरी का हुआ खुलासा

12वीं पास शख्स ने खुद को डॉक्टर बताया

जांच में एक अहम खुलासा यह हुआ है कि धर्मेंद्र कुमार सिंह के पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री या मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन नहीं था और उन्होंने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बावजूद ED के मुताबिक, उन्होंने करीब तीन दशक तक खुद को डॉक्टर बताया और अपने नाम के साथ 'Doctor' की उपाधि का इस्तेमाल किया। ED का आरोप है कि इसी पहचान और डॉक्टर की सामाजिक विश्वसनीयता का फायदा उठाकर उन्होंने कई चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाएं खड़ी कीं। इन संस्थाओं के जरिए हेल्थकेयर से जुड़े CSR प्रोजेक्ट्स के नाम पर PSU और निजी कंपनियों से बड़ी रकम जुटाई गई।

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