Delhi Traffic Violations Fines: दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर एक चौंकाने वाली लेकिन गंभीर तस्वीर सामने आई है। देशभर में यातायात कानून तोड़ने पर वसूले गए कुल जुर्माने का लगभग आधा हिस्सा केवल दिल्ली से ही आया है। यह जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा न्यायपालिका के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार की गई रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्चुअल अदालतों के माध्यम से निपटाए गए चालानों से देशभर में कुल 973 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जिसमें से 433 करोड़ रुपये सिर्फ दिल्ली के लोगों द्वारा जमा किए गए। कानून मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए देशभर में 29 वर्चुअल अदालतें स्थापित की गई हैं।
ट्रैफिक नियम तोड़ने में दिल्ली देश में सबसे आगे (सांकेतिक फोटो)
3,73,30,805 चालान दर्ज
31 दिसंबर 2025 तक इन अदालतों में कुल 9,81,17,870 चालान पेश किए गए। इन मामलों के निपटारे के परिणामस्वरूप जुर्माने के रूप में 973 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सरकारी खजाने में जमा हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली में संचालित दो वर्चुअल अदालतें दिल्ली नोटिस विभाग और दिल्ली यातायात विभाग में कुल 3,73,30,805 चालान दर्ज किए गए। इन मामलों के निपटारे के बाद दिल्ली के लोगों ने अकेले 433 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुर्माने के रूप में अदा की।
वर्चुअल अदालत में कुल इतना चालान
दिल्ली की वर्चुअल अदालत (दिल्ली नोटिस विभाग) में कुल 2,62,11,142 चालान दर्ज किए गए। इनमें से निपटाए गए मामलों से जुर्माने के रूप में 218 करोड़ 20 लाख 23 हजार 706 रुपये की राशि प्राप्त हुई। वहीं, वर्चुअल अदालत (यातायात विभाग) में 1,10,92,663 चालान पहुंचे। इन मामलों के निपटारे के बाद जुर्माने के तौर पर 215 करोड़ 46 लाख 13 हजार 153 रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए गए।
तमिलनाडु और कर्नाटक का ये हाल
कानून मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए स्थापित वर्चुअल अदालत (यातायात विभाग) में कुल 2,99,56,401 चालान दर्ज किए गए। इन मामलों के निपटारे के बाद अब तक 82,72,07,444 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में सरकारी खजाने में जमा कराई जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, यातायात नियम तोड़ने पर जुर्माना अदा करने के मामले में तमिलनाडु दूसरे स्थान पर, कर्नाटक तीसरे स्थान पर और उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर है।
