Delhi News: दिल्ली के रोहिणी जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने और चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस ने 18 से 21 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान 'ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह' चलाया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने बड़े स्तर पर वाहनों की जांच, सत्यापन और संदिग्ध लोगों की निगरानी की। अभियान का नेतृत्व डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल ने किया। उन्हें अतिरिक्त डीसीपी-I रोहिणी सतीश कुमार का सहयोग मिला। वहीं, जेसीपी/एनआर विजय सिंह के निर्देशन और स्पेशल सीपी एल एंड ओ (जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव की समग्र निगरानी में अभियान को अंजाम दिया गया। सभी एसडीपीओ, एसएचओ और ऑपरेशन टीमों को रणनीतिक स्थानों पर सघन वाहन जांच और सत्यापन के निर्देश दिए गए थे।
रोहिणी में अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का मेगा ऑपरेशन
5,000 से ज्यादा गाड़ियों की जांच
पुलिस के मुताबिक, चार दिनों तक चले अभियान में 5,000 से अधिक वाहनों की जांच और सत्यापन किया गया। इस दौरान चोरी के 161 दोपहिया वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों में 116 मोटरसाइकिल और 45 स्कूटी शामिल हैं। वाहन चोरी के मामलों के अलावा पुलिस ने अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 7 अवैध हथियार बरामद किए गए, जिनमें ब्राजील निर्मित एक तौरस (Taurus) पिस्तौल और छह अन्य हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 15 जिंदा कारतूस और 9 बटनदार चाकू भी पुलिस के हाथ लगे।
कई अपराधियों की गिरफ्तारी
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 2,990 क्वार्टर शराब बरामद की। शराब की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी जब्त किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 686 ग्राम हेरोइन बरामद की और जुए के दौरान दांव पर लगाई गई 13,960 रुपये की नकदी भी जब्त की। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए रोहिणी जिले में 16 टीमों के साथ 277 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस ने इस दौरान 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, जबकि 5 घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को भी पकड़ा गया।
चोरी के वाहनों की पहचान पर विशेष जोर
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 103 आरोपियों को गिरफ्तार या पकड़ा गया, जिनमें 24 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। पुलिस टीमों ने लगातार गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के जरिए वाहन चोरी से जुड़े आरोपियों तथा चोरी के वाहनों की पहचान पर विशेष जोर दिया। रोहिणी पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चोरी के वाहनों की बरामदगी तक सीमित नहीं था, बल्कि जिले में अवैध हथियार, नशीले पदार्थ, शराब तस्करी, जुआ और साइबर अपराध जैसी अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी प्रभावी कार्रवाई करना था। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के सघन अभियानों से जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
