जामिया हिंसा केस में दिल्ली की अदालत ने शर्जिल इमाम और आसिफ तन्हा को दोषमुक्त कर दिया है। 15 दिसंबर 2019 को जामिया विश्वविद्यालय के करीब नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़ हुई थी। साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरुल वर्मा ने आदेश सुनाया। शर्जिल इमाम और आसिफ इकबाल तनहा दोनों को पहले इस मामले में जमानत दी गई थी। हालांकि शर्जिल इमाम फरवरी 2020 के पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों से संबंधित साजिश के मामले में कठोर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यूएपीए के तहत जेल में रहेगा।
2019 जामिया हिंसा केस में आरोपी था शर्जिल इमाम
शर्जिल इमाम पर थे ये आरोप
पुलिस ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पुलिस और लोगों के बीच झड़प के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा के संबंध में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें दंगा भी शामिल था।अभियोजन पक्ष के अनुसार इमाम ने कथित तौर पर 13 दिसंबर, 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में और 16 दिसंबर, 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भाषण दिया। जहां उन्होंने असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को शेष भारत से काट देने की धमकी दी।
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