Minor Seeks Maintenance: दिल्ली की एक पारिवारिक अदालत ने एक महिला को उसके नाबालिग बेटे द्वारा 60,000 रुपये के मासिक भरण-पोषण की मांग करने वाली याचिका के संबंध में नोटिस जारी किया है। मां एम्स में नर्स है। अदालत ने मां को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय की है।
बच्चे ने मांगा मां से मुआवजा
पिता के साथ रहता है बेटा
नाबालिग के पिता ने अपने बेटे के लिए याचिका दायर की है जो दिसंबर 2008 में पैदा हुआ था और उसके साथ रहता है। याचिका में आरोप लगाया गया कि मां न केवल नाबालिग बच्चे की उपेक्षा करने की दोषी है, बल्कि जब बच्चा केवल 40 दिन का था, तब उसे खुली सड़क पर छोड़कर चली गई थी। पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से मां ने न तो बच्चे की देखभाल की और न ही बच्चे के कल्याण के लिए सुलह की कोशिश की।
बच्चे ने खर्च का दिया हवाला
याचिकाकर्ता (बच्चा) ने यह भी कहा कि उसके पिता हर महीने 11,000 रुपये की स्कूल फीस और बीमा प्रीमियम सहित भोजन, कपड़े, अध्ययन सामग्री पर 40,000 रुपये का भुगतान कर रहे हैं। मां की ओर से दहेज से संबंधित झूठा मामला दायर करने के कारण उनके पिता मानसिक रूप से परेशान हैं और काम करने में असमर्थ हैं।
याचिका में कहा गया है कि वह (पिता) पूरा समय बच्चे और बूढ़े माता-पिता की देखभाल में बिताते हैं और इसलिए अपनी आजीविका नहीं चला सकते। याचिका में कहा गया है कि पिता पिछले 14 वर्षों से अकेले ही नाबालिग बच्चे के पालन-पोषण की देखभाल कर रहे हैं और मां द्वारा कोई मदद नहीं की जा रही है। बता दें कि मां ने पहले ही दहेज से जुड़ा केस दायर कर रखा है और वह तीस हजारी कोर्ट में लंबित है।
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