दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला; पेंशन में फिजिकल वेरिफिकेशन की व्यवस्था के साथ जीवन प्रमाण पत्र अनिवार्य

दिल्ली सरकार वृद्धावस्था पेंशन नियमों में अहम संशोधन करने जा रही है। अब पेंशन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष जीवित होने का प्रमाण देना आवश्यक होगा। बढ़ती अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए, वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन के लिए घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा। वहीं, बंगलों और महंगी कॉलोनियों में रहने वाले अपात्र लोगों को पेंशन से वंचित किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने पेंशन वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वृद्धावस्था, महिला, विधवा और विकलांग पेंशन के लाभार्थियों के लिए अब जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यह निर्णय पेंशन प्रणाली में अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही, सरकार ने घोषणा की है कि बंगलों और महंगी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पेंशन लाभ से वंचित किया जाएगा।

New Rule for old age pension

वृद्धावस्था पेंशन के लिए नया नियम

वर्तमान में दिल्ली में हर महीने चार लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन प्रदान की जाती है, जो उनके जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता का एक प्रमुख हिस्सा है। हालांकि, कई अयोग्य लोग भी इसका लाभ उठा रहे हैं, जिसके चलते सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। भाजपा ने सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं, यह सवाल उठाते हुए कि गरीबों के लिए बनाई गई सुविधाओं का लाभ संपन्न लोग क्यों उठा रहे हैं।

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