फर्जीवाड़े पर लगेगा AI का पहरा, सरकार ने शुरू की फेस ऑथेंटिकेशन चैलेंज प्रतियोगिता; करोड़ों में मिलेगा इनाम

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के IndiaAI ने “फेस ऑथेंटिकेशन चैलेंज” शुरू किया है, जिसमें स्टार्टअप्स और कंपनियों को सरकारी परीक्षाओं में पहचान की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एआई आधारित समाधान विकसित करने का मौका मिलेगा। विजेता टीमों को ₹2.5 करोड़ तक का इनाम और अनुबंध मिलेगा। आवेदन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2025 है

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने IndiaAI ने “फेस ऑथेंटिकेशन चैलेंज” लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाना है। इस प्रतियोगिता के तहत स्टार्टअप्स और कंपनियों को एक ऐसी एआई आधारित तकनीक विकसित करनी होगी जो फोटो वेरिफिकेशन और डुप्लिकेट आवेदन पहचानने में सक्षम हो। इस चुनौती में चुनी गई 10 टीमों को अपने समाधान को परखने के लिए ₹5 लाख दिए जाएंगे, जबकि दो सर्वश्रेष्ठ टीमों को दो साल का अनुबंध और ₹1 करोड़ तक की धनराशि मिलेगी। यह पहल देश में एआई के जिम्मेदार और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2025 रखी गई है।

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एआई (सांकेतिक फोटो)

“फेस ऑथेंटिकेशन चैलेंज” लॉन्च

देश में अब एआई (Artificial Intelligence) की मदद से सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत IndiaAI ने सोमवार को “फेस ऑथेंटिकेशन चैलेंज” लॉन्च किया है। इस प्रतियोगिता में देशभर के स्टार्टअप्स और कंपनियों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे ऐसा एआई सिस्टम बना सकें जो किसी भी आवेदन या फोटो की पहचान को सुरक्षित और सटीक तरीके से जांच सके।

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