CAQM का बड़ा फैसला; दिल्ली एनसीआर में अब प्रदूषण पर लगेगा हिसाब से जुर्माना, जनरेटर और निर्माण स्थलों पर होगी सख्ती

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर जुर्माना अब एक समान नहीं होगा। इसके बजाय, जुर्माने की राशि प्रदूषण के स्तर, उद्यम के आकार और उल्लंघन की अवधि पर आधारित होगी। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नए दिशानिर्देशों के तहत, विभिन्न उल्लंघनों के लिए अलग-अलग जुर्माने की दरें तय की गई हैं।

केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए जुर्माना नियम लागू किए हैं। अब जुर्माने की राशि प्रदूषण के स्तर, स्थान और उद्यम के आकार के आधार पर तय की जाएगी, जिससे छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त भार न पड़े। यह नियम उन दिनों लागू होगा जब प्रदूषण मानकों का उल्लंघन किया गया हो।

CAQM has imposed new penalty rules

CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए जुर्माने लागू किए

सीएक्यूएम ने जुर्माने की गणना के लिए पांच प्रमुख आधार निर्धारित किए हैं, जिनमें प्रदूषण इंडेक्स, उल्लंघन के दिन, संचालन का पैमाना, स्थान, और पर्यावरण को हुई क्षति शामिल हैं। विभिन्न प्रदूषण स्रोतों के लिए जुर्माने की दर तय की गई है, जैसे कि 20 से 125 कि.वा. के डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिदिन 7500 रुपये, 800 कि.वा. के जनरेटर पर 15000 रुपये, और इससे अधिक क्षमता वाले जनरेटर पर 25000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर एंटी स्मॉग गन न लगाने पर भी दंड दिया जाएगा।

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