16 साल की बलात्कार पीड़िता को 31 हफ्ते का गर्भ गिराने की अनुमति मिली, HC ने कहा- नाबालिग पर बोझ डालना ठीक नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 साल की दुष्कर्म पीड़िता को 31 हफ्ते के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग पर बच्चे के पालन-पोषण का बोझ डालना उचित नहीं है।

Delhi News: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अहम और संवेदनशील फैसले में 16 साल की एक बलात्कार पीड़िता को 31 सप्ताह के गर्भ को खत्म करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के मामलों में गर्भपात के अधिकार को केवल एक पीड़िता के कानूनी अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि उसके मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने दी 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को राहत

'नाबालिग पर नहीं डाल सकते बच्चे का बोझ'

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ण ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि यह उम्मीद करना कतई उचित नहीं होगा कि एक नाबालिग पीड़िता, जो खुद अभी किशोरावस्था के दौर से गुजर रही है, वह बच्चे को जन्म देने और उसका पालन-पोषण करने का मानसिक व शारीरिक बोझ उठाए।

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