Delhi News: दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण,फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही पर अब सख्त रुख अपना लिया है। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अब ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति लागू होगी और दोषी अधिकारियों व संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेखा गुप्ता सरकार सख्त।
गृह मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता( cm rekha gupta) की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राजधानी में कानून का राज मजबूत करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) की शक्तियों को बढ़ाते हुए उन्हें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने, एफआईआर दर्ज कराने, अवकाश स्वीकृत या निरस्त करने और कर्तव्यों में विफल अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई का अधिकार दिया है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यदि किसी अधिकारी की मिलीभगत, लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है, तो उसे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ऐसे मामलों में केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ रोकने के साथ-साथ उसकी निजी संपत्ति से भी नुकसान की भरपाई की जा सकती है।
दिल्ली में अब जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जिनमें पुलिस, फायर सर्विस, बिजली विभाग और एमसीडी के अधिकारी शामिल होंगे। ये टीमें गेस्ट हाउस, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी। नियमों के उल्लंघन या बिना अनुमति संचालन मिलने पर प्रतिष्ठान को तत्काल सील किया जाएगा।
सरकार ने G+4 की स्वीकृत सीमा से अधिक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा के आदेश दिए हैं। जहां भी अवैध निर्माण या स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन मिलेगा, वहां तत्काल सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार, मिलीभगत और नियमों के उल्लंघन के प्रति सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति रहेगी और किसी भी रसूखदार व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
