दिल्ली आबकारी नीति पर PAC की रिपोर्ट पेश,₹2000 करोड़ से ज्यादा नुकसान का दावा; सिसोदिया के फैसलों पर उठे सवाल

दिल्ली विधानसभा में पेश PAC रिपोर्ट में आबकारी नीति को लेकर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। CAG ऑडिट के आधार पर रिपोर्ट में लाइसेंसिंग, कीमत निर्धारण और नीति निर्माण में पारदर्शिता की कमी बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कुछ फैसलों सहित विभिन्न गड़बड़ियों के कारण सरकार को ₹2000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।

दिल्ली विधानसभा में पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) की दूसरी रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें राजधानी की आबकारी नीति को लेकर बड़े खुलासे किए गए हैं। यह रिपोर्ट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें 2017-18 से 2020-21 के बीच की आबकारी व्यवस्था और बाद में लागू 2021-22 की नई नीति दोनों की समीक्षा की गई है।

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दिल्ली की आबकारी नीति को लेकर PAC रिपोर्ट। (फाइल फोटो)

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नीतिगत खामियों,निर्णयों में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी के चलते सरकार को ₹2000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। PAC ने खास तौर पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए हैं।

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