Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार विजयादशमी का पर्व बेहद अलग अंदाज में चर्चा का विषय बन गया है। पर्व के पावन अवसर पर जहां पारंपरिक रूप से बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले फूंके जाते हैं, वहीं इस बार 'लाल HIT जनता पार्टी' ने अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया।
दिपके-रांका समेत कई समर्थकों के जलाए गए पुतले
पारंपरिक दशहरा आयोजनों से इतर, लाल HIT जनता पार्टी ने सीधे तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका समेत कई प्रमुख नेताओं और उनके समर्थकों के पुतलों का दहन किया। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि किसी लाक्षणिक प्रतीक का उपयोग करने के बजाय, सीधे तौर पर राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों के नाम पर पुतले तैयार कर उन्हें आग के हवाले किया गया।
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त्योहार के बीच दिखा तीखा राजनीतिक विरोध
यह केवल इकलौता मामला नहीं है, दिल्ली के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष पैलेस मैदान में श्री केशव रामलीला समिति ने दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाया जाएगा। वहीं इस प्रकार के आयोजनों के जरिए लाल HIT जनता पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों के खिलाफ किस हद तक जाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराना चाहती है। दशहरे पर होने वाले पुतला दहन कार्यक्रम आमतौर पर सामाजिक बुराइयों और नकारात्मक प्रवृत्तियों के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में लाल HIT जनता पार्टी का यह आयोजन पारंपरिक दशहरा कार्यक्रम से अलग नजर आया, जहां रावण के बजाय राजनीतिक विरोधियों के पुतले जलाए गए। दिल्ली में विजयादशमी के मौके पर हुए इस प्रदर्शन ने त्योहार के आयोजन में एक अलग राजनीतिक रंग जोड़ दिया।
