CJP Protest: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर अपनी 'बी-टीम' कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ मिलकर दिल्ली को रणभूमि में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि राजधानी को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। जंतर-मंतर पर पुलिस की अभूतपूर्व तैनाती के कारण कॉजपा की मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों को जुटाने की कोशिश नाकाम हो गई। CJP के संयोजक अभिजीत दीपके और पार्टी के नेता सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)
दिल्लीवासियों का क्या दोष है?
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, "देशवासियों द्वारा रिजेक्टेड नेता राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, अपनी बी-टीम CJP के साथ मिलकर दिल्ली को अखाड़ा बनाना चाहते हैं। आखिर ये नेता, अपनी नॉनस्टॉप हार की खीझ, जनता पर उतारने पर क्यों तुले हैं? सड़कों पर अव्यवस्था से परेशान होने वाले दिल्लीवासियों का क्या दोष है? काम पर जाने वाले कर्मचारियों, रोज कमाकर परिवार चलाने वाले श्रमिकों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या आपकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिल्ली के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, सुरक्षा और शांति से भी बड़ी हैं?दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी
उन्होंने आगे लिखा, "दिल्ली ने विकास के लिए वोट दिया। जनता के अभूतपूर्व आशीर्वाद के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत की निर्वाचन राजनीति के इतिहास में, लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले नेता बने। लेकिन परिवारवाद और अवसरवाद से ग्रसित दल, इस जनसमर्थन को हजम ही नहीं कर पा रहे। अराजकता के साधक और खुद को दिल्ली का मालिक की उपाधि देने वाले अरविंद केजरीवाल, राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिल्लीवासियों की शांति और सुरक्षा को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। याद रहे, दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी। लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने और जनादेश को चुनौती देने की राजनीति का डटकर मुकाबला होगा।"
विरोध के नाम पर खुलेआम तांडव
एक दूसरे पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, "दिल्ली की सड़कों पर आज जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस, AAP, वाम दल और CJP के लोगों ने विरोध के नाम पर खुलेआम तांडव किया। शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी दिल्ली पुलिस और सभी सुरक्षा बलों को उकसाया गया और जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा करने प्रयास किया गया। दिल्ली के मेरे भाई-बहनों, आपने इस कठिन समय में जिस धैर्य और समझदारी का परिचय दिया, उसके लिए हम आपके आभारी हैं। आंदोलनजीवियों ने दिल्ली के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों की कर्तव्यनिष्ठा के चलते सब ठीक रहा। मैं दिल्ली पुलिस के जवानों को विशेष रूप से साधुवाद देती हूं। उन्होंने धैर्य नहीं खोया। पूरी जिम्मेदारी और सूझबूझ से हालात को संभाला और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हम सुनिश्चित करेंगे कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सामान्य जनजीवन में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आने पाए। कानून अपना काम पूरी दृढ़ता से करेगा
