Delhi News: इस समय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में करीब 22 किलोमीटर के हिस्से में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई दिल्ली नगर निगम द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में आज बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के कालिंदी कुंज में यमुना के फ्लड जोन (O-Zone) में बनी कई अस्थायी झुग्गियों और अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान कई लोग मौके पर पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेज लेकर मौजूद थे, लेकिन कानूनी रूप से इनकी कोई वैधता नहीं मानी जाती। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें इस जमीन के अवैध होने की जानकारी नहीं थी और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने यह जमीन बेच दी।
दिल्ली फिर चला बुलडोजर! (प्रतीकात्मक फोटो)
क्या होता O-Zone?
बता दें कि दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित O-Zone (ओ-जोन) का अर्थ उस क्षेत्र से है जो नदी के बाढ़ क्षेत्र या फ्लडप्लेन के रूप में चिह्नित होता है। दिल्ली मास्टर प्लान के अनुसार वजीराबाद से ओखला तक लगभग 22 किलोमीटर लंबा यह इलाका संरक्षित क्षेत्र माना गया है, जहां निर्माण कार्य पर रोक रहती है। इस क्षेत्र में करीब 90 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां और कई गांव बसे हुए हैं।
नया निर्माण नहीं किया जा सकता
हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने इन इलाकों में नोटिस और चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, जिससे यहां रहने वाले लगभग 15 लाख लोगों में अपने घरों के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी तरह बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के नहर किनारे स्थित तीन वार्डों की 52 कॉलोनियों में भी नगर निगम द्वारा O-Zone के बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर साफ तौर से लिखा है कि इस क्षेत्र में अब किसी भी प्रकार का नया निर्माण नहीं किया जा सकता।
फ्लड प्लेन या बाढ़ क्षेत्र किसी भी नदी का वह प्राकृतिक इलाका होता है जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र न केवल आसपास की जमीन में भूजल पुनर्भरण (वाटर रिचार्ज) में मदद करता है, बल्कि बाढ़ के प्रभाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
