Moti Bagh Delhi News Today: दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। इस हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि छह को रेस्क्यू किया जा चुका है, जिसमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दिल्ली के मोती बाग में गिरी इमारत
हालात का जायजा लेने पहुंचीं रेखा गुप्ता
इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हालात का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंची हैं। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के मुताबिक, दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की कई बचाव टीम मौके पर मौजूद हैं। पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गईं और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। आपातकालीन कर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अमित शाह ने गोवा दौरा किया रद्द
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना तीन दिवसीय गोवा दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और दिल्ली के लिए रवाना हो गए। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा बीच में रद्द कर दिया। शाह को आज गोवा के चिम्बेल में नवनिर्मित भाजपा प्रदेश कार्यालय भवन का उद्घाटन करना था।
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शाह स्थिति का ले रहे जायजा
अमित शाह ने 'एक्स' पर इमारत गिरने की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात कर स्थिति का जायजा लिया और मौके के हालात की जानकारी ली। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें आपसी समन्वय के साथ गहन राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। घायलों को हर जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मैं हादसे में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
युद्धस्तर पर चल रहा राहत एवं बचाव कार्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर चिंता जताई। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। एहतियाती कदम के तौर पर हादसे से सटी इमारत को भी खाली करा लिया गया है। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चार मंजिला इमारत ढही
बताया जा रहा है कि इमारत लगभग चार मंजिला थी, जिसमें लगभग 15 कमरे थे। दिल्ली पुलिस के साथ काम करने वाले स्थानीय निवासी राजेन छेत्री ने बताया कि इमारत में करीब 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। छेत्री ने कहा, ''यहां रहने वाले ज्यादातर छात्र केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और मुख्य रूप से मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते हैं। वे प्रति बिस्तर करीब 12,000 रुपये किराया दे रहे थे।''
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बेसमेंट में चल रहा था काम
उन्होंने कहा, ''मैं पिछले 20 वर्षों से यहां रह रहा हूं। बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था, जहां पानी जमा होने लगा था। नींव भी बेहद कमजोर थी।'' उन्होंने बताया कि करीब 13 लोगों को बचाया जा चुका है।
