Delhi News: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अमिता सचदेवा के मुताबिक, यह मामला उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर भगवान राम और सीता के वनवास के दौरान मांस और शराब का सेवन करने का दावा किया गया था। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज (File Photo | X: Dhruv Rathee)
अमिता सचदेवा के अनुसार, कुछ समय पहले ध्रुव राठी ने एक वीडियो पब्लिश किया था, जिसमें यह दावा किया गया था। इस वीडियो को लेकर पहले दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया गया था। उनके अनुसार, हाई कोर्ट ने भारत सरकार को वीडियो हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को भारत सरकार ने यूट्यूब को वीडियो हटाने का निर्देश दिया और याचिका का निपटारा कर दिया गया था।
वीडियो का हिस्सा दोबारा अपलोड होना
याचिकाकर्ता के अनुसार, मुख्य वीडियो हटने के बाद किसी ने उस 21 मिनट के वीडियो से 3 मिनट का हिस्सा काटकर दोबारा अपलोड कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने फिर से दिल्ली का रुख किया था। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने ध्रुव राठी के खिलाफ नई याचिका या मुकदमा दायर करने और उचित राहत मांगने की अनुमति दी थी।
मानहानि के साथ हर्जाने की भी मांग
अमिता सचदेवा ने कहा कि इसी अनुमति के आधार पर साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। इसमें अदालत से घोषणा जारी करने, संबंधित सामग्री पर रोक लगाने और मानहानि के लिए हर्जाना दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील मकरंद नटकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों की वजह से उनकी दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। इसके बाद जिला जज ने मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर के लिए तय कर दी है।
