पुलिस से मारपीट मामले में दोषी करार होने के बाद भी जेल क्यों नहीं जाएंगी अलका लांबा,अदालत ने किस आधार पर दी राहत, जानें

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  • Updated Jun 7, 2026, 01:22 AM IST

अदालत ने पिछले महीने अलका लांबा को सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकने, पुलिस अधिकारियों पर हमला करने, लागू आदेश की अवहेलना करने और सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने के अपराधों में दोषी ठहराया था। यह मामला 2024 में जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है

कांग्रेस नेता अल्का लांबा को दिल्ली की एक अदालत ने बड़ी राहत दी है। वे 2024 में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने मामले में दोषी ठहराई गई थीं। इस मामले में दिल्ली की अदालत ने लांबा को राहत देते हुए एक साल के लिए अच्छे आचरण की प्रोबेशन पर रिहा कर दिया है।

Mahila Congress chief Alka Lamba

महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा। (फोटो- PTI)

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पनवार ने कहा कि अलका लांबा पहली बार अपराध के मामले में दोषी पाई गई हैं। उनके चरित्र, पूर्व रिकॉर्ड और अपराध की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 401 के तहत प्रोबेशन का लाभ दिया जाना उचित है।

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