पंजाब पुलिस ने नशे के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू करते हुए 750 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नशे की समस्या पर कैबिनेट उप-समिति की शनिवार को पहली बैठक हुई। उन्होंने बताया कि नशा रोधी अभियान के तहत चलाए जा रहे अभियान में करीब 12,000 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान
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सीएम ने तय की है डेडलाइन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नेराज्य को नशामुक्त बनाने के लिए शुक्रवार को तीन महीने की समयसीमा तय की। राज्य सरकार द्वारा नशे की समस्या के खिलाफ नए सिरे से शुरू किए गए अभियान के तहत मादक पदार्थों के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कुछ स्थानों पर उनकी संपत्तियों को भी ध्वस्त किया गया है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति करने के बजाय पंजाब को बचाने के लिए राज्य सरकार के नशा रोधी अभियान को अपना समर्थन दें। कैबिनेट उप समिति की बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव भी उपस्थित थे।
छापे में क्या-क्या मिला
बैठक में यादव ने कहा कि चार घंटे के लंबे अभियान के दौरान 8.14 किलोग्राम हेरोइन, 1.21 किलोग्राम अफीम, 3.5 किलोग्राम गांजा, 19 किलोग्राम चूरा पोस्त की भूसी, नशे की 16,238 गोलियां, इंजेक्शन और 8.02 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस प्रमुख ने कहा कि पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है और इस तरह का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि राज्य से नशे का संकट समाप्त नहीं हो जाता।
‘नशे के खिलाफ युद्ध’
इससे पहले दिन में बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री तथा कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान की पहली बैठक मादक पदार्थ बेचने वालों और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई।
