Chandigarh: चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टर अब ओपीडी में मरीजों को देखने के अलावा घर-घर जाकर भी लोगों की जांच करेंगे। साथ ही लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन ने विलेज एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत कम्युनिटी बेस्ड सर्विस डिलीवरी मॉडल पर काम शुरू किया है। डॉक्टरों की टीम शहर के उन क्षेत्रों का भी दौरा करेगी, जहां पर लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पीजीआई ने अपने ओपीडी वाले हेल्थ सेंटर्स पर अब मेडिकल ऑफिसर की तैनाती कर दी है, जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी किसी तरह की परेशानी न हो।
चंडीगढ़ पीजीआई
डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन के हेड डॉ. अरुण अग्रवाल ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें डिपार्टमेंट के बीपीएच, एमडीएच और एमडी स्टूडेंट्स का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके अलावा इसमें एरिया काउंसलर्स और चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। डॉ. अरुण अग्रवाल ने बताया कि, पीजीआई का यह प्रोग्राम गुजरात के वर्धा जिले में चल रहे विलेज एडॉप्शन प्रोग्राम से प्रभावित है। वहां के मेडिकल कॉलेज के 100 डॉक्टरों की टीम को 15 दिनों के लिए किसी एक क्षेत्र में जाती है और वहां पर बीमारियों का पता लगाने के साथ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा भी देती है। इसका बेहतर परिणाम मिल रहा है।
