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दिल्ली में CBI का बड़ा एक्शन, भगवान महावीर अस्पताल के डॉक्टर और सुपरवाइजर को 1 लाख की घूस लेते किया गिरफ्तार

दिल्ली के भगवान महावीर अस्पताल के डॉक्टर को CBI ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा, नर्सिंग ऑर्डरली का सुपरवाइजर भी गिरफ्तार हुआ। टेंडर रद्द नहीं करने और बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी।

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दिल्ली के पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अस्पताल के मेडिसिन विभाग में तैनात स्पेशलिस्ट डॉक्टर हरेंद्र कुमार और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले नर्सिंग ऑर्डरली के सुपरवाइजर प्रदीप कुमार को रिश्वत के मामले में पकड़ा है। CBI के मुताबिक, डॉक्टर पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

CBI के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर हरेंद्र कुमार अस्पताल में मेडिसिन स्पेशलिस्ट होने के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी

आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बदले टेंडर रद्द नहीं होने देने, बिलों को समय पर पास कराने और शिकायतकर्ता की फाइल में बेवजह आपत्तियां नहीं लगने देने का भरोसा दिया गया था।

CBI ने जाल बिछाकर की कार्रवाई

मामले की शिकायत मिलने के बाद CBI ने 21 अक्टूबर को केस दर्ज किया और उसी दिन जाल बिछाकर कार्रवाई की। जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने नर्सिंग ऑर्डरली के सुपरवाइजर प्रदीप कुमार के जरिए शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और स्वीकार की। इसके बाद CBI ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

टेंडर और बिलों से जुड़ा है मामला

CBI की शुरुआती जांच के अनुसार, रिश्वत की रकम टेंडर रद्द नहीं होने देने, बिलों का भुगतान समय पर कराने और फाइल में अनावश्यक आपत्तियां नहीं लगने देने के बदले मांगी गई थी। फिलहाल CBI मामले की आगे जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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