जयपुर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में दिनदहाड़े कथित अपहरण की कोशिश ने सनसनी फैला दी। सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक पर गए एक सीए राजीव गुप्ता को दो बदमाश कथित तौर पर हथियार दिखाकर मर्सिडीज कार में बैठाकर ले गए। आमेर में दिल्ली रोड पर कार हादसे का शिकार हुई तो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने कार से नकली पिस्तौल और चाकू बरामद किया है।
जयपुर सीए अपहरण केस में कार बरामद
वारदात गुरुवार सुबह की बताई जा रही है। पीड़ित राजीव गुप्ता रोज़ की तरह सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि जब वे अपनी गाड़ी के पास लौटे, तभी दो लोगों ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर उन्हें जबरन एक मर्सिडीज कार में बैठा लिया और दिल्ली रोड की तरफ़ ले गए। रास्ते में कार कई जगह दुर्घटनाग्रस्त हुई और आखिरकार आमेर इलाके में एक दीवार से टकराने के बाद पलटकर नाले में जा गिरी।
नकली पिस्तौल बरामद
हादसे के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही आमेर थाना पुलिस और एसएचओ राजेंद्र गोदारा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार से एक नकली पिस्तौल और चाकू बरामद किया है। पीड़ित को चोटें आई हैं और उन्हें मेडिकल के लिए भेजा गया है। वहीं घटना के बाद पीड़ित अशोक नगर थाने में मामला दर्ज कराने पहुंचे।
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पीड़ित ने बताया कि 'मुझे पुलिस और प्रशासन पर भरोसा है कि जल्द किडनैपर्स पकड़े जाएंगे। इसी में मेरी और बाकी लोगों की भी सुरक्षा है।
पीड़ित के परिजन गोविंद का कहना है कि राजीव गुप्ता पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका किसी से कोई पुराना विवाद नहीं है। परिवार का दावा है कि वे आरोपियों को जानते तक नहीं थे। अब पुलिस सेंट्रल पार्क से लेकर दिल्ली रोड तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। दो लोगों ने हथियार दिखाकर गाड़ी में बैठाया। रास्ते में तीन-चार जगह एक्सीडेंट किया और आखिर में दीवार से टकराने के बाद दोनों भाग गए। राजीव जी का किसी से कोई विवाद नहीं था।
बहरहाल जयपुर के बीचोंबीच हुई इस कथित किडनैपिंग की कोशिश ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नज़र इस बात पर है कि फरार आरोपियों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंचती है।
