दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, नार्कोटिक्स और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में देश में नार्कोटिक्स नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाकर इस समस्या पर निर्णायक प्रहार किया जाएगा, जबकि घुसपैठ रोकने के लिए मजबूत और स्थायी सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा रहा है।
सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 के दौरान गृह मंत्री अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को 'स्मार्ट बॉर्डर' की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में दुनिया की सबसे आधुनिक सीमा सुरक्षा प्रणालियों में शामिल होगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा बलों, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और सीमावर्ती नागरिकों के सहयोग से एक चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड तैयार कर रही है, जिससे सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाएगा।
बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत की वृद्धि
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया है और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 400 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए सीमावर्ती गांवों में पलायन रोकने, रोजगार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार 1,610 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा पर लगभग 31,000 करोड़ रुपये की लागत से बाड़बंदी कर रही है। इसके अलावा प्रॉक्सी वॉर, घुसपैठ, कट्टरपंथ, ड्रोन गतिविधियों, नार्कोटिक्स तस्करी, साइबर अपराध, संगठित अपराध और सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव पर रोक लगाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का प्रमुख कारण अवैध घुसपैठ है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने डेमोग्राफी मिशन शुरू किया है, जिसके तहत असामान्य जनसंख्या वृद्धि के कारणों का अध्ययन कर प्रभावी समाधान तैयार किए जाएंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को रिएक्टिव मॉडल से प्रोएक्टिव मॉडल में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सीमांत जिलों के पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे सुरक्षा से जुड़े हर इनपुट को तेजी से उच्च स्तर तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
