भारतीय जनता पार्टी यानी BJP ने स्थानीय निकाय चुनाव में सोनिया गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि यहां बाद केरल के निकाय चुनावों की हो रही है और भाजपा ने मुन्नार में सोनिया गांधी को प्रत्याशी बनाया है। केरल के स्थानीय निकाय चुनाव 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में होंगे और 13 दिसंबर को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे।
भाजपा ने सोनिया गांधी को बनाया अपना उम्मीदवार (फोटो - PTI)
स्थानीय चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर प्रत्याशी आमने-सामने लड़ते हैं। लेकिन भाजपा उम्मीदवार सोनिया गांधी अपने नाम के कारण चर्चा में हैं। क्योंकि उनका नाम पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से हूबहू मिलता है।
कौन हैं भाजपा प्रत्याशी सोनिया गांधी
भाजपा ने जिस सोनिया गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय दुरे राज की बेटी हैं। कांग्रेस नेता रहे दुरे राज ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रभावित होकर अपनी बेटी का नाम भी सोनिया गांधी रख दिया था।
सोनिया गांधी की शादी भाजपा कार्यकर्ता सुभाष से हुई थी। बता दें कि सुभाष अभी पंचायत जनरल सेक्रेटरी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुभाष भी भाजपा उम्मीदवार के तौर पर ओल्ड मुन्नार मूलाक्कड़ में हुए उपचुनाव में खड़े हो चुके हैं। अपने पति की राह पर चलते हुए सोनिया गांधी भी भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में हैं।
भाजपा प्रत्याशी सोनिया गांधी
कांग्रेस के लिए मुसीबत
भाजपा प्रत्याशी के तौर पर सोनिया गांधी के सामने आने के बाद यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मंजुला रमेश के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। क्योंकि सोनिया गांधी अपने नाम की वजह से जनता के बीच पहुंच बनाने में सफल हो रही हैं। सोनिया गांधी के नाम के कारण यहां के मतदाताओं में एक तरह की असमंजस की स्थिति देखने को मिल सकती है।
महाराष्ट्र में भी हुई थी ऐसी ही दिक्कत
इसी तरह की समस्या महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति के उम्मीदवारों को भी झेलनी पड़ी थी। जब दक्षिण महाराष्ट्र के चार जिलों में उन्हीं के नाम के 17 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर आए थे। उदाहरण के लिए बात करें तो सांगली के तसगांव में NCP (SCP) प्रत्याशी रोहित रावसाहेब पाटिल अपना पहला चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन उनकी ही सीट से रोहित पाटिल नाम के तीन और उम्मीदवारों ने भी ताल ठोंक दी थी।
भाजपा ने सोनिया गांधी नाम की महिला को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन ये वो सोनिया गांधी नहीं हैं, जो लम्बे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष और राय बरेली से सांसद थीं। हालांकि, इन सोनिया गांधी के पिता पूर्व में कांग्रेस में थे और उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रभावित होकर ही अपनी बेटी की नाम सोनिया गांधी रखा था।
