Patna Flood Alert : बिहार में गंगा नदी का जलस्तर पटना जिले के गांधी घाट पर गुरुवार रात और मोकामा के हथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास बाढ़ के उच्चतम स्तर के निशान को पार कर सकता है। डीएमडी ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों में गंगा तट तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी, घाटों, तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। विभाग की ओर से जारी परामर्श में लोगों को गंगा में स्नान या तैराकी नहीं करने, अनावश्यक नाव यात्रा से बचने तथा नदी के आसपास किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि नहीं करने की सलाह दी गई है। परामर्श में कहा गया है कि लोग अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पेयजल और अन्य आपातकालीन सामग्री तैयार रखें तथा प्रशासन के निर्देश मिलने पर निर्धारित सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने के लिए तैयार रहें।
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण
डीएमडी ने लोगों से केवल सरकारी परामर्श पर भरोसा करने तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन और बचाव दलों के निर्देशों का तत्काल पालन करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 या स्थानीय प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - नेपाल में तबाही से लेकर विनाशकारी भूकंपों तक...'26 तारीख' कैसे बन गई इतिहास के लिए अभिशाप का दिन?
इससे पहले पटना में गंगा का उच्चतम जलस्तर वर्ष 2016 में दर्ज किया गया था। बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि नेपाल में होने वाली भारी बारिश और प्राकृतिक घटनाओं का असर यहां की नदियों पर पड़ता है। नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी बिहार की नदियों में पहुंचता है। इस बार भी गंडक सहित कई नदियों में बड़ी मात्रा में पानी आया है।
पुनपुन नदी उफान पर
पुनपुन नदी का पानी एक स्थान पर सड़क ऊपर से बह गया है। सरकार वहां भी लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार स्वयं पटना और आसपास के इलाकों का जायजा ले रहे हैं तथा प्रशासन से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है।
सीएम ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल साइट ’एक्स’ पर लिखा है कि अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय पर राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को ले जाने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे पहले बिहार में गंगा नदी का जलस्तर पटना जिले के गांधी घाट पर बृहस्पतिवार रात तथा मोकामा के हथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास बाढ़ के उच्चतम स्तर के निशान को पार कर सकता है।
डीएमडी ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों में गंगा तट तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी, घाटों, तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। विभाग ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर या स्थानीय प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
