Ujjain: तीन दिन के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शिप्रा नदी से निकाली गई कार; थाना प्रभारी, SI और महिला कांस्टेबल का शव बरामद

उज्जैन की शिप्रा नदी में शनिवार रात एक कार ब्रिज से गिरने के बाद तीन पुलिसकर्मी लापता हो गए थे। मंगलवार को कार और महिला कांस्टेबल का शव बरामद किया गया, जबकि पहले रविवार और सोमवार को क्रमशः थाना प्रभारी और सब-इंस्पेक्टर के शव मिले थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में 100 से अधिक लोग लगे और तेज बहाव व गंदे पानी के बावजूद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने पूरी मेहनत से कार को निकालने में सफलता पाई।

Ujjain Shipra River Car Accident: उज्जैन की शिप्रा नदी में गिरी कार से तीसरा शव भी मंगलवार को बरामद कर लिया गया। मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे कार का पता चला। कार घटनास्थल के पास ही मिली । करीब 1 घंटे रेस्क्यू के बाद क्रेन से कार को बाहर लाया गया। कार की पीछे वाली सीट पर महिला आरक्षक आरती पाल का शव फंसा हुआ था। एसपी प्रदीप शर्मा इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद थे। जैसे ही कार को बाहर लाया गया और महिला आरक्षक का शव निकला, पुलिस के आला अधिकारियों के आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे।

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रात भर चले रेस्क्यू में कार का पता नहीं चला

दरअसल उज्जैन की शिप्रा नदी में शनिवार रात करीब 9:00 बजे एक कार ब्रिज से नीचे गिर गई थी। इस सड़क हादसे को प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा था। तत्काल पुलिस को सूचना दी। खुद एसपी प्रदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया गया। शुरुआत में यह पता नहीं चल पाया था कि कार किसकी है और उसके अंदर कौन बैठा है। रात भर चले रेस्क्यू में कार का पता नहीं चल पाया। रविवार सुबह फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया तो पता चला कि कार के अन्दर थाना प्रभारी अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल मौजूद थीं। रविवार को घटना स्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर नदी में थाना प्रभारी का शव मिल गया। वहीं सोमवार शाम करीब 5:00 बजे सब इंस्पेक्टर मदन लाल निनामा का भी शव उसी जगह से मिला, जहां से थाना प्रभारी का शव मिला था।

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