Delhi Mumbai Expressway Update: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शुरू, वाहनों की कमी से टोल में घाटा; जानें आपके राज्य में कब दौड़ेंगे वाहन

Delhi Mumbai Expressway: देश के सबसे हाईटेक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आवाजाही शुरू हो चुकी है। लेकिन, मौजूदा वक्त पर वाहनों की संख्या में कमी दिखाई दे रही है, जिससे टोल वसूलने वाली कंपनी को बड़ा घाटा हो रहा है।

Delhi Mumbai Expressway: राजधानी दिल्ली से मुंबई के बीच 1300 किलोमीटर से भी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण अपने आखिरी चरण में है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के 245 किलोमीटर हिस्से का कार्य पूरा हो चुका है और इस पर सात टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जो वाहन चालकों से शुल्क वसूल रहे हैं। देश के सबसे हाईटेक दिल्‍ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आवाजाही शुरू हो चुकी है। एनएचआई को अनुमान था कि इस एक्सप्रेस-वे पर रोजाना कम से कम 50 से 60 हजार वाहन गुजरेंगे, लेकिन मौजूदा वक्त पर रोजना महज 3 से 4 हजार वाहन ही यहां से निकल रहे हैं। इसका असर ये रहा कि टोल वसूलने वाली पहली एजेंसी एक महीने में ही ठेका छोड़कर भाग गई। जानकारी के मुताबिक, अब पहले के मुकाबले महज एक तिहाई कीमत पर दूसरी एजेंसी को टोल का ठेका दिया गया है, लेकिन उसे भी घाटे का एहसास हो रहा है। उधर, प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक खंड वड़ोदर-भरूच एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उधर, दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक शुरू होने से इलेक्ट्रिक बसों से यात्रा का समय दो घंटे कम हो जाएगा।

Delhi Mumbai Expressway

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे

एक दिन में 9 लाख टोल

मध्य प्रदेश में झाबुआ, रतलाम और मंदसौर से दिल्‍ली-मुंबई एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। इसके हिस्से में वाहनों ने रफ्तार भरना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी उम्मीद से बेहद कम यातायात है। इसकी असली वजह महंगा टोल भी बताया जा रहा है। अभी औसतन तीन से चार हजार वाहन ही निकल रहे हैं, इससे महज 9 लाख रुपये बतौर टोल ही वापस मिल रहा है। इस एक्सप्रेसवे के किनारे कई हाईटेक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई प्लाजा समेत अन्य निर्माण चल रहे हैं। लेकिन, मध्य प्रदेश से सटे राजस्थान और उधर महाराष्ट्र में एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से अन्य राज्यों से वाहन इस एक्सप्रेसवे पर नहीं आ पा रहे हैं, इससे ट्रैफिक न के बराबर है।

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