पन्ना : केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें देशभर के सुदूर में बसे गांवों (रिमोट एरिया) तक विकास की नदियां बहाने का दंभ भरती हैं, लेकिन डिजिटल युग में भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां विकास की बात महज कोरी बात है। जी, हां ऐसी ही तस्वीर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से सामने आई है, जहां एक ऐसा गांव है, जिसमें रहने वाले नौनिहाल स्कूली बच्चे जान हथेली पर रखकर 'स्कूल चले हम' जैसे सपने को साकार बना रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि आजादी के 75 वर्ष पूरे...आजादी का अमृत महोत्सव मनाने वाली सरकार में बिजवारा से पाली स्थित माध्यमिक पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों के लिए दो किलोमीटर की संपर्क सड़क एवं नाला की पुलिया आज तक नसीब नहीं हो पाई।
बिजवारा सड़क समस्या वीडियो स्टोरी
तस्वीर देख कहेंगे वाह री सरकार
सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आज भी बच्चे जान जोखिम में डालकर प्रतिदिन सुबह स्कूल जाते हैं। बारिश के दौर में लबालब बहाव वाले पानी से भरे नाले को पार कर भीगते हुए बच्चे अभिभावकों एवं शिक्षकों की सहायता से स्कूल पहुंच रहे हैं। इस तस्वीर को देखकर कहा जा सकता है, सपनों का भारत बनाना अभी दूर है!
जानकारी के मुताबिक, राहुनिया पंचायत के बिजवारा से 2 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय माध्यमिक शाला पाली जाने के लिए बच्चे जान जोखिम में डालकर नाला पार कर पढ़ने जाते हैं। ऐसी तस्वीरें प्रत्येक वर्ष बरसात के सीजन में दिखाई देती हैं। हालांकि, इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को है, लेकिन वर्षों के इंतजार के बाद भी आज तक गांव से स्कूल तक संपर्क सड़क एवं पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया।
