MP Suicide Case : मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला सामने आया कि इसके बारे में जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई। दरअसल, यहां एक घर में पति और पत्नी दोनों की फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जिस जगह दोनों फंदा लगाया उससे कुछ ही दूरी पर उनका डेढ़ साल का बेटा बेसुध हालत में पड़ा था। भूख और प्यास से वो बच्चा तीन दिन तक तड़पता रहा और सिसकियां लेता रहा, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। कुछ दिन बाद जब पड़ोस में दोनों शवों की दुर्गंध फैली तब पड़ोसी नियामद खान ने मंगलवार की शाम को मृतक के घर के अंदर झांका और उन्हें घटना की जानकारी हुई। बच्चे को किसी तरह नियामद ने बाहर निकाला और खाने के लिए कुछ दिया तब जाकर वह होश में आया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तब पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मध्य प्रदेश में दंपती ने फांसी लगाकर खुदकुशी की। (सांकेतिक चित्र)
नशे की लत बनी वजह
मैदाई मोहल्ले निवासी सोनू अपनी मां अजराबानो, पत्नी शबाना और तीन बच्चों (निम्रा, आहिद और जाहिद) के साथ रहता था। सोनू हेयर सैलून चलाता था, जो काफी दिनों से बंद पड़ा हुआ था। पड़ोसियों का कहना है कि सोनू को स्मैक और नशे की बुरी लत थी, जिसकी वजह आए दिन उसके घर में कलह होती थी।
ईद के बाद हो गया गायब
पुलिस ने पड़ोसियों के हवाले से बताया है कि ईद के दिन अजराबानो और सोनू के बीच लड़ाई हुई थी। जिससे त्रस्त होकर मां अजराबानो पोते और पोती के साथ अपनी बेटी के यहां चली गईं। इसके बाद घर में केवल तीन ही लोग मौजूद थे सोनू, शबाना और उनका डेढ़ साल का बेटा जाहिद। उसी दिन पड़ोस के लोगों ने उन्हें आखिर बार देखा था, लेकिन उसके बाद से सोनू और शबाना नहीं दिखे। पुलिस का कहना है कि काफी सड़ चुके थे जिससे यही लगता है कि दोनों ने उसी दिन फांसी लगाई होगी। हालांकि दोनों के स्वजन को सूचित कर दिया गया है।
बच्चे को छोड़ लटक गए दंपती
इस आत्महत्या के बाद पड़ोसियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि शबाना की बॉडी जिस कमरे से बरामद हुई उस कमरे को बंद करने के लिए दरवाजे में अंदर की ओर से कपड़ा बंधा हुआ था। इसके बाद ही सोनू ने फांसी लगाई। डेढ़ साल का मासूम कमरे के बाहर बिलखता रहा होगा तभी बेसुध पड़ा था। उस मासूम को कुछ पीने के लिए कुछ नहीं दिया गया था।
क्या बोली पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अफसरों ने बताया है कि फंदे पर लटकते हुए दो शव बरामद किए गए हैं। डेढ़ साल का मासूम भी उसी कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों से जानकारी मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची। बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा गया है, फिलाहाल उसकी हालत ठीक है।
