भोपाल में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। जानकारी के अनुसार एक किसान की 12.46 एकड़ कृषि भूमि धोखाधड़ी से हड़प ली गई। शिकायतकर्ता चिंतामणि सिंह मारन की जमीन हाईकोर्ट के आदेश पर उनके नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। आरोप यह है कि ट्राइडेंट मल्टीवेंचर्स के डायरेक्टर राजेश शर्मा, दीपक तलूसानी और राजेश तिवारी ने मिलकर साजिश को अंजाम दिया।
भोपाल में किसान से ठगी का मामला
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, राजेश शर्मा ने किसान को जमीन ट्रांसफर करने और बेचने का लालच दिया। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया में तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर शिकायतकर्ता को आईसीआईसीआई बैंक में नया खाता खोलने के लिए मजबूर किया। इस खाते में राजेश तिवारी का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना दर्ज किया गया। ऐसे में इस फर्जी खाते में 2.86 करोड़ रुपये जमा होने का फर्जी उल्लेख किया गया, जबकि हकीकत में किसान को सिर्फ 81 लाख रुपये ही मिले।
धाराओं के तहत मामला दर्ज
बाकी राशि को फर्जी अकाउंट से ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने ओटीपी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके डिजिटल बैंकिंग के जरिए बड़ी रकम अपने अकाउंट में ट्रांसफर की। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी का ही नहीं है, बल्कि यह डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को भी उजागर करता है।
