MP में झाबुआ के सरकारी स्कूलों के बच्चों की सेहत बनाएंगे BPCL और टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन, शुरू की अनूठी पहल

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 27, 2023, 01:07 PM IST

Madhya Pradesh: बीपीसीएल और टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश में झाबुआ के सरकारी स्कूलों में व्यापक स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, पोषण संबंधी कार्यशालाएं चलाई जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य एनीमिया और कुपोषण से निपटना और स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

Bhopal News: महारत्न पीएसयू भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सहयोग से टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन एनीमिया, कुपोषण से निपटने और सरकारी स्कूलों और उनके आस-पास के समुदायों में स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झाबुआ, मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र में एक व्यापक स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार है। टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस पहल में नियमित जांच और देखरेख सहित लगभग 3800 छात्रों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य जांच शामिल होगी। अक्टूबर के अंत में शुरू होने वाले छह महीने के कार्यक्रम में संपूर्ण रक्त गणना (सीबीसी), आयरन प्रोफाइल, हीमोग्लोबिन, हेमाटोक्रिट, ऊंचाई और वजन माप, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), सीरम एल्ब्यूमिन एवं कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए विटामिन-डी जैसे चिकित्सा परीक्षणों की एक श्रृंखला शामिल है ।

BPCL and Times Employ India Foundation

स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देने का उद्देश्य।

छात्रों के बीच स्वास्थ्य असंतुलन को दूर करने का उपाय

बीपीसीएल, सरकार और टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से झाबुआ के सात स्कूलों को शामिल करके अपने मूलभूत स्तर पर छात्रों के बीच स्वास्थ्य असंतुलन को दूर करने के लिए दीर्घकालिक उपाय स्थापित करेगी। यह परियोजना बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने के लिए रोल प्ले और नुक्कड़ नाटकों का उपयोग करते हुए, स्कूल परिसर के भीतर और गांव स्तर पर, आवश्यक पोषण तत्वों के बारे में छात्रों और उनके परिवारों को व्यापक स्तर पर जागरूक कर रही है। इसके अतिरिक्त, संतुलित भोजन, पोषण संबंधी स्नैकिंग वीडियो, इंटरैक्टिव सत्र और हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों के नियमित समावेश को बढ़ावा देने के लिए पोषण वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक स्कूल मासिक 'एक फल एक दिन' अभियान भी शुरू करेगा।

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