Bandhavgarh National Park : पुरातत्वविदों ने इन दिनों एक नई खोज की है। यह खोज उन्होंने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में की है, जहां उन्हें हजारों वर्ष पुरानी आधुनिक सभ्यता के सबूत मिले हैं। दरअसल, खुदाई के दौरान यहां पर एक रॉक पेंटिंग मिली जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि ये 1500 साल पुरानी है। वहीं खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों की टीम को एक पुराना जलस्रोत भी मिला है जो कि 2000 साल पुराना बताया गया है। टीम ने कहा है कि इससे पता चलता है कि इतने साल पहले भी आधुनिक सभ्यता मौजूद थी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कई गुफाएं मिलीं। (प्रतीकात्मक फोटो)
ये चीजें भी मिलीं
पुरातत्वविदों की टीम ने जब खोज को और आगे बढ़ाया तब उन्हें करीब 26 गुफाएं, 24 शिलालेख, 26 मंदिर और 46 प्राचीन मूर्तियां भी मिलीं। बताया जा रहा है गुफाएं के अंदर टीम को हैरान कर देने वाले तथ्य मिले। जहां बौद्ध धर्म से जुड़ी हुई कई चीजों के प्रमाण मिले हैं।
जलस्रोत देखकर टीम हैरान
भारतीय पुरातत्व विभाग के जबलपुर जोन के सुपरिंटेंडेंट शिवाकांत बाजपेयी बताते हैं कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इससे पहले भी कई जलस्रोत मिल चुके हैं। हालांकि अब जो जलस्रोत मिला है वो तकरीबन 2000 साल पुराना लग रहा है, यह काफी ऊंचाई पर है जिसका काम बारिश के शुद्ध पानी को जमा करना होता था। वहीं, उन्होंने ये भी बताया कि इन सभी चीजों से बांधवगढ़ के ट्रेड रूट का भाग होने के संकेत मिलते हैं।
जून तक खोज जारी रहेगी
बांधवगढ़ के दूसरे क्षेत्र में कुछ गुफाएं भी मिलीं हैं जिनका निर्माण चट्टानों को काटकर किया गया था। शिवाकांत बाजपेयी कहते हैं कि ये खोज एक अप्रैल से शुरू हुई थी और अभी 30 जून तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया है कि एएसआई ने इससे पहले 50 गुफाओं की खोज की थी। पिछले वर्ष 26 और इस साल में अब तक 11 और गुफाओं की खोज की थी। इन चीजों से जुड़े अन्य प्रमाणों की तलाश में टीम का ये सर्वे जारी रहेगा।
