बिहार की राजनीति में 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर जेडीयू विधायक अनंत सिंह का एक इंटरव्यू इन दिनों सूबे की सियासत में भूचाल लाया हुआ है। जेडीयू नेता नीरज कुमार के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच अनंत सिंह ने अपने पुराने दिनों, पार्टी में अपने योगदान और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर बात की है।
इसके साथ ही उन्होंने यह बड़ा दावा भी किया है कि मीडिया और उनके राजनीतिक विरोधी उनके दिए गए बयानों का गलत मतलब निकालकर झूठी खबरें चला रहे हैं।
नीरज कुमार ने पार्टी के लिए कौन सी कुर्बानी दी-अनंत सिंह
अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेता नीरज कुमार पर सवाल उठाते हुए अपने बयानों और कुर्बानियों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा, "मैंने नीरज कुमार को जवाब दिया है और बताया है कि मैंने पार्टी के लिए क्या-क्या कुर्बानियां दी हैं। लालू यादव की सरकार के दौरान मेरे नौ साथियों की हत्या कर दी गई थी और मुझे भी गोली मारी गई थी। लालू यादव ने उनकी हत्या सिर्फ इसलिए करवाई क्योंकि हम नीतीश कुमार के साथ जुड़ गए थे। हमने राजनीति में बहुत बड़ा नुकसान झेला है, यहां तक कि इसी सदमे में मेरे पिता जी का भी हार्ट अटैक से निधन हो गया था।"
लालू-नीतीश के पुराने दिनों का कच्चा चिट्ठा
अनंत सिंह ने समता पार्टी के दौर और अपने भाई दिलीप सिंह के टिकट से जुड़े वाकये को याद करते हुए कहा:
"शुरुआत में हम, लालू जी और नीतीश जी सब साथ थे, ताकि हमारे भाई को टिकट मिले। बाद में जब नीतीश जी की मदद करना शुरू किया, तो लालू जी से कहकर भाई को टिकट दिलवाया गया। उस वक्त नीतीश जी और लालू जी की पार्टी एक ही थी। इसके बाद दोनों अलग हो गए। दिलीप सिंह लालू जी की पार्टी में रह गए। जब नीतीश जी से रोड पर भेंट हुई, तो उन्होंने हमसे मदद मांगी। हमने कहा कि भाई को टिकट दे दीजिए। लालू जी से बात करके भाई को टिकट दिया गया और हम नीतीश जी की मदद में लग गए।"
उन्होंने आगे कहा, "जब दोनों दल अलग हुए तो नीतीश जी और ललन बाबू हमारे पास पहुंचे। हम उस वक्त लालू जी के साथ थे, लेकिन उन्होंने हमसे साथ मांगा। हमने सोचा कि घर में जो बैठा है, घर टूट जाएगा। इसके बाद जब हम लालू जी की पार्टी से हटकर नीतीश जी की मदद करने लगे, तो हमारे नौ लोगों को मार दिया गया। नीरज जो बोलता है कि उसने पार्टी के लिए ऐसा-वैसा किया, तो वही हम बताए कि हमने इतनी कुर्बानियां दी हैं। नीरज ने कौन सी कुर्बानी दी है?"
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लालू राज में हमें पुलिस से भुजवा दिया गया-JDU विधायक
लालू यादव के शासनकाल का जिक्र करते हुए अनंत सिंह ने भावुक अंदाज में कहा, "लालू जी का राज था, उन्होंने ही मरवा दिया। नीतीश जी के साथ हुए तो दो दिन मिलना हुआ और तीसरे दिन हमारे लोगों को मरवा दिया गया। लालू जी ने धमकी दी थी कि मीटिंग में जाओगे तो बर्बाद कर देंगे। इसके बावजूद हम चांदी के सिक्कों से नीतीश जी को तौलने गए। उसके चार दिन बाद ही हम पर गोली चलवा दी गई, जिसमें हमारे नौ लोग मारे गए और मुझे भी गोली लगी। यह सब लालू जी के राज में हुआ।"
मीडिया पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, "जो न्यूज चलाई जा रही है, वह सब गलत है। मीडिया उल्टा समझ गया। उन्होंने समझ लिया कि नीतीश जी ने ही मरवाया, जबकि सच यह है कि हम नीतीश जी के साथ हुए तो लालू जी की पार्टी ने पुलिस से गोली चलवाकर भुजवा दिया। यानी नीतीश जी का साथ देने के कारण हमारे लोग मारे गए। बोलना हम कुछ चाहते थे और समझ कुछ और लिया गया।"
"बिना 1 रुपये लिए नीतीश जी को दिलाए लाखों वोट"
पार्टी में अपनी ताकत और योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जब नीतीश जी के पास कुछ नहीं था, तब हमने अपना पूरा बल-बूता लगा दिया। एक रुपया नहीं लिया होगा, न कोई ठंडी (रिश्वत) ली होगी और सब दिन मदद की। हम जैसे लोगों ने चाहे वोट लूटकर बाढ़ से दें या मोकामा से दें, नीतीश जी को तीन लाख वोट दिलवाते थे और उन्हें नेता बनाते थे। नीरज ने किसी को गाड़ी तक नहीं दी होगी, फिर वह किस कुर्बानी की बात करता है?"
ना मरने का गम है, ना जीने की खुशी-अनंत सिंह
जेडीयू में नाराजगी की खबरों पर विराम लगाते हुए अनंत सिंह बोले, "मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है। नीरज से हमारी अनबन है, बाकी दुनिया में हमारी किसी से दुश्मनी नहीं। आरजेडी के शक्ति यादव क्या बोल रहे हैं, उस पर हमें कुछ नहीं कहना। जेडीयू का कोई नेता हमसे नाराज नहीं है। ना हमें मरने का गम है, ना जीने की खुशी। हम पार्टी में नीतीश जी के साथ हैं और सब दिन रहेंगे। सरकार गिरवी होने से बचाकर किसने बनाई है, यह सब जानते हैं। चुनाव प्रचार में भी हम जाने को तैयार हैं, मीटिंग में भी हमने कह दिया है कि जहाँ भेजना है भेज दीजिए, नहीं तो कहिए तो बाहर चले जाएं"
बिहार में गरमाई सियासत
अनंत सिंह के इस विस्तृत बयान और सफाई के बाद भी बिहार में राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। आरजेडी जहां इसे सत्ता के खेल में बलि चढ़े लोगों का मुद्दा बनाकर नीतीश सरकार को घेर रही है, वहीं एनडीए खेमे से भी पलटवार जारी है। अनंत सिंह के इस तीखे अंदाज ने राज्य के राजनीतिक पारे को चरम पर पहुंचा दिया है।
