अयोध्या के सुग्रीव किला मंदिर की जमीन पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, यूपी सरकार को बकाया ₹1.20 करोड़ ब्याज समेत जमा करने का आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या के सुग्रीव किला मंदिर की जमीन की बकाया कीमत को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को अहम निर्देश दिया है। अदालत ने ₹1.20 करोड़ की लंबित राशि पर 8 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ भुगतान करने को कहा है।

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को अयोध्या में सुग्रीव किला मंदिर की भूमि के विक्रय की बकाया राशि 1.20 करोड़ रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि मंदिर की जमीन पर कब्जा लेने के बाद तय रकम का भुगतान नहीं करना और बाद में जमीन को नजूल/सरकारी संपत्ति बताना अधिकारियों का ऐसा आचरण है, जिसे निष्पक्ष, उचित और तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश श्री ठाकुर राम जानकी सुग्रीवजी विराजमान मंदिर (अयोध्या) की याचिका पर दिया।

Sugriva Temple Ayodhya

अयोध्या सुग्रीव किला मंदिर (फाइल फोटो)

भूमि की कीमत का भुगतान नहीं हुआ

मामला सुग्रीव किला स्थित मंदिर की 1512 वर्गमीटर भूमि, खसरा संख्या 246 और खाता संख्या 44/2 से जुड़ा है। यह भूमि राम जन्मभूमि मंदिर के पास मौजूद है। मंदिर का दावा है कि 1858 से लगातार हुए राजस्व बंदोबस्तों में उसका स्वामित्व दर्ज रहा है। याची के अनुसार, 22 दिसंबर 2023 को भूमि के संबंध में पंजीकृत विक्रय विलेख (Sale Deed) हुआ था। कुल विक्रय मूल्य 1,38,44,559 रुपये तय हुआ था। इसमें 1,20,96,000 रुपये भूमि की कीमत और 17,48,559 रुपये निर्माण की लागत थी। निर्माण की राशि का भुगतान कर दिया गया, लेकिन भूमि की कीमत का भुगतान नहीं हुआ।

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