उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना कस्बे में शनिवार को एक विवाह समारोह खास आकर्षण का केंद्र बन गया। जिसमें दूल्हे और दुल्हन ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यहां मात्र तीन फीट के दूल्हे ने अपनी ढाई फीट की दुल्हन को जयमाला पहनाई। इस शादी के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दूल्हा और दुल्हन की शादी की इस वीडियो को देखकर हर कोई न सिर्फ अपनी खुशी जाहिर कर रहा है,बल्कि इस जोड़े को शादी की बधाइयां भी दे रहा है। वहीं, कम कद वाले इस जोड़े की शादी देखने के लिए मौके पर न सिर्फ घराती-बराती मौजूद रहे,बल्कि आसपास के लोगों की भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे समारोह में उत्साह, भावनाएं और अपनापन साफ झलक रहा था।
हापुड़ में तीन फुट के विजय और दो फुट सात इंच की चारुल ने रचाई शादी। (फोटो- सोशल मीडिया।)
कैसे जुड़ा यह रिश्ता
चारुल के भाइयों नरेंद्र प्रजापति और धर्मेंद्र प्रजापति के मुताबिक, बहन के लिए लंबे समय से उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश जारी थी। कद छोटा होने के कारण सही वर मिलना आसान नहीं था। इसी तरह मोदीनगर के मोहल्ला चूना भट्टी, भूपेंद्रपुरी निवासी यशपाल सिंह प्रजापति के 22 वर्षीय बेटे विजय के लिए भी परिवार जीवनसाथी की खोज में था। एक रिश्तेदार की पहल पर दोनों परिवारों का संपर्क हुआ और बातचीत के बाद आपसी सहमति से रिश्ता तय हो गया।
बरात बनी आकर्षण का केंद्र
शनिवार दोपहर करीब दो बजे विजय बैंड-बाजे और डीजे के साथ बरात लेकर धौलाना पहुंचा। जैसे ही बरात कस्बे में दाखिल हुई,लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी। जयमाला के समय माहौल भावुक और उत्सवपूर्ण दोनों था। कई लोगों ने इस अनोखे विवाह के पलों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। रस्में पूरी धूमधाम से निभाई गईं और पूरे गांव में इस शादी की चर्चा रही।
वहीं, इस विवाह से जुड़ी एक मार्मिक कहानी भी सामने आई। पांच जनवरी 2026 को दोनों परिवारों ने रिश्ता तय किया था और शादी की तारीख तय की जानी थी, लेकिन उससे पहले छह मार्च 2025 को चारुल के पिता सत्यपाल सिंह प्रजापति का हृदयगति रुकने से निधन हो गया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े भाई संगीत उर्फ टीटू ने पिता की जिम्मेदारियां संभालीं और बहन की शादी सम्मानपूर्वक संपन्न कराई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच संपन्न हुए इस विवाह में दोनों परिवारों ने नवदंपति को सुखद भविष्य का आशीर्वाद दिया। देर शाम चारुल मुस्कुराते हुए अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए विजय के साथ विदा हो गई।
