Agra News: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 5 अगस्त को लाल ट्रॉली बैग में मिले महिला के 18 टुकड़ों की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। करीब 19 दिन की जांच-पड़ताल के बाद आगरा और चेन्नई पुलिस की टीम चेन्नई के गुडुवांचेरी पहुंची, जहां एक कमरे से महिला का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। मृतक महिला की पहचान ओडिशा के जगतसिंहपुर निवासी 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है।
आगरा मर्डर केस की गुत्थी चेन्नई मेंं सुलझी
पुलिस के अनुसार हयातुन निशा की हत्या चेन्नई में की गई थी। इसके बाद शव के कई टुकड़ों को लाल ट्रॉली बैग में भरकर तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रखा गया था। मामले में पुलिस अब हयातुन के साथ रहने वाले असम निवासी माणिकउद्दीन लश्कर और चेन्नई निवासी भगवती माझी की तलाश कर रही है।
350 CCTV Footage की जांच की
5 अगस्त को आगरा कैंट GRP थाने में जीरो FIR दर्ज की गई थी। जांच में शव का कनेक्शन चेन्नई से जुड़ने के बाद मामला चेन्नई GRP को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच टीम ने लगभग 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 की 3 अगस्त की रात करीब 10 बजे की CCTV फुटेज में एक युवक और युवती लाल ट्रॉली बैग लेकर जाते दिखाई दिए। इसी बैग के 5 अगस्त को तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से आगरा पहुंचने की जानकारी जांच में सामने आई।
लिव-इन और पैसों के लेनदेन की भी जांच
हयातुन निशा कुछ समय पहले ही गुडुवांचेरी में माणिकउद्दीन के घर किराए पर रहने आई थी। वह एक फर्म में काम करती थी और उसका 17 साल बेटा भी उसके साथ रहता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि माणिकउद्दीन, भगवती माझी के साथ लिव-इन में रहता था और इसी दौरान हयातुन से उसके संबंध बने।
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पुलिस को हत्या के पीछे आपसी विवाद और कथित अवैध संबंधों के साथ पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी मिली है। हयातुन के बेटे से भी पूछताछ की गई है। फिलहाल पुलिस दोनों संदिग्धों की तलाश कर रही है और हत्या की पूरी वजह की जांच जारी है।
