वो मुगल बादशाह, जिसे कब्र में भी नहीं मिला सुकून, जानें दो बार दफनाने की क्या है कहानी?

भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी। देश में मुगलों का शासन 1526 से 1857 तक चला। पहले मुगल बादशाह बाबर का शासनकाल भारत में ज्यादा लंबा नहीं था। चार साल में ही उसकी मौत हो गई थी। लेकिन उसे दो बार दफन किया गया। आइए जानते हैं कि इसकी वजह क्या थी?

Why Babur Buried Twice: भारत में मुगल साम्राज्य की नींव बाबर ने 1526 में रखी थी। देश में मुगल बादशाहों का शासनकाल 300 से अधिक सालों तक चला। इस दौरान हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब समेत तमाम मुगल बादशाहों ने शासन किया। मुगलों का अंतिम शासक बहादुर शाह जफर था। जिसे अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह के साथ ही रंगून भेज दिया गया। इसके साथ ही मुगलकाल का भारत में अंत हो गया। लेकिन क्या आप उस मुगल बादशाह के बारे में जानते हैं, जिसे एक बार नहीं बल्कि दो बार दफन करना पड़ा।

Babur

दो बार दफन हुआ एक मुगल बादशाह

भारत का पहला मुगल बदशाह कौन था

भारत में पहला मुगल बादशाह बाबर था। जिसने 1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना की। लेकिन वह ज्यादा समय तक देश में शासन नहीं कर सका। 1530 में सिर्फ चार साल बाद ही बाबर की मौत हो गई। कहा जाता है कि बाबर को मौत के बाद भी सुकून नहीं मिला। उसे एक बार नहीं दो बार दफन किया गया था। बाबर को पहली बार आगरा के आरामबाग में दफनाया गया था। जिसके 14 साल बाद उसे काबुल में दफन किया गया। दो बार दफन करने के पीछे की वजह क्या थी, आइए जानते हैं।

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