होली का त्योहार में अब अधिक समय नहीं है। होली इस साल 14 मार्च को पड़ रही है। जहां पूरा भारत केवल एक से दो दिन होली मनाता है, वहीं कृष्ण की नगरी बृज में होली का पर्व 40 दिन तक मनाया जाता है। बृज में 40 दिन की होली का ध्वजारोहण 3 फरवरी 2025 को हो गया था। अब 7 मार्च से 22 मार्च तक बृज में अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग प्रकार की होली खेली जाएगी। इसी बीच बरसाना में होने वाली लठमार होली की तैयारियां जोरों पर है। यहां नंदगांव के हुरियारों ने बरसाना की लठमार होली खेलने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली है।
लट्ठमार होली की तैयारियां पूरी
मथुरा जिले के बरसाना कस्बे को राधा जी के गांव के रूप में जाना जाता है तो वही पास के नंदगांव को भगवान श्री कृष्ण के गांव के रूप में जाना जाता है। इन दोनों गांवों के बीच होने वाली लठामार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ये होली राधा और कृष्ण के प्रेम का प्रतीक उत्सव है। बरसाना में नंदगांव के पुरुष, जिन्हें हुरियारे कहते है, अपनी पूरी तैयारी के साथ लठामार होली खेलने जाते है। इसके लिए समूचे नंदगांव में हुरियारों की तैयारियां चल रही है। कोई अपनी पगड़ी को संभाल रहा है तो कोई अपनी पोशाकों को सजाने में जुटा हुआ है। वहीं कुछ लोग चमड़े से बनी अपनी ढालों को सजाने में लगे है। चमड़े से बनी इन्हीं ढालों पर बरसाना की गोपियां उछल-उछल कर लाठियां चलती हैं और ये हुरियारे इन ढालों से अपना बचाव करते है। ढाल बनाने वाले दुकानदार से जब बात की तो उन्होंने बताया कि बरसाना में होने वाली लठामार होली के लिए वह ये सब तैयारियां कर रहे हैं।
बृज की होली का शेड्यूल
7 मार्च - लड्डूमार होली
8 मार्च - लट्ठमार होली
9 मार्च - नंदगांव में लट्ठमार होली
10 मार्च - बांके बिहारी में फूलों की होली
10 मार्च - कृष्ण जन्मभूमि पर हुरंगा का आयोजन
11 मार्च - द्वारकाधीश मंदिर में होली
12 मार्च - बांके बिहार में होली का त्योहार
13 मार्च - होलिका दहन
14 मार्च - पूरे ब्रज में होली मनाई जाएगी
15 मार्च - बलदेव के दाऊजी मंदिर में हुरंगा खेला जाएगा
16 मार्च - नंदगांव में हुरंगा होली
17 मार्च - जाव गांव में पारंपरिक हुरंगा
18 मार्च - मुखराई में चरकुला नृत्य का आयोजन
22 मार्च - वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में होली के उत्सव के साथ 40 दिन की होली का समापन
