आगरा: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में प्रदूषण लगातार मुश्किलें पैदा करता जा रहा है। अब प्रदूषण की टेढ़ी नजर ताजमहल पर पड़ गई है। सोमवार की सुबह से ही आगरा में स्मॉग का असर देखा जा रहा है। इसकी वजह से ताजमहल का दीदार करने आए पर्यटकों को ताज स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है। हालात ये हैं कि एंट्री गेट से भी ताजमहल दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं, डायना सीट पर बैठकर फोटो खिंचाने वाले पर्यटकों के फोटो से ताजमहल गायब है। इससे पर्यटक खासा परेशान दिखे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तक ताजमहल पर विजिबिलिटी जीरो दर्ज की गई।
धुंध में गायब हुआ ताज महल
खतरनाक श्रेणी में एक्यूआई
पिछले दो दिनों से ताजनगरी में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर गिर रहा है। हालांकि, सुबह 10 बजे के बाद कुछ धुंध छंटती हुई नजर आती है, लेकिन शाम ढलते ही विजिबिलिटी फिर जीरो पर पहुंच जाती है। रविवार शाम करीब 4.45 बजे ही धुंध का असर दिखाई देने लगा। रविवार को ताजमहल देखने आए पर्यटकों को ताज का दीदार नहीं हो पा रहा था। ताज को देखने के लिए मुख्य गुंबद तक जाना पड़ रहा था। लोगों को डायना सीट पर फोटो खिंचाने में भी ताज नजर नहीं आया।
ताज व्यू प्वाइंट से ताजमहल गायब
मेहताब बाग और ताज व्यू प्वाइंट से ताजमहल का दीदार करने आए पर्यटकों को निराशा हाथ लगी। दोनों स्पॉट से ताजमहल बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था। दूर तक केवल धुंध ही धुंध नजर आ रही थी। ताजमहल धुंध की चादर में खो गया था। सुबह आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 180 था, लेकिन शाम रविवार शाम को बढ़कर 200 हो गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार आगरा के 5 सेंटरों पर मनोहरपुर की वायु गुणवत्ता 236 दर्ज की गई। वहीं, आवास विकास में 223, शाहगंज में 180, शास्त्रीपुरम में 173 और रोहता में 187 रिकॉर्ड किया गया।
