अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा (21 July to 30 July 2026): मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है और अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वेदर सिस्टम की बात करें तो इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में कई प्रकार की वायुमंडलीय परिस्थितियां सक्रिय हैं। सतही स्तर पर एक मौसमी द्रोणिका पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो निचले वायुमंडलीय स्तरों में सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक समुद्र तटीय क्षेत्रों के पास एक अपतटीय द्रोणिका भी मौजूद है।
अगले 10 दिन का मौसम (1 जुलाई से 10 जुलाई 2026)
मध्य व ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक द्रोणिका के रूप में लगभग 58° पूर्वी देशांतर और 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में सक्रिय देखा जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश और पंजाब के आसपास निचले वायुमंडलीय स्तरों में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं, जो क्षेत्रीय मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसी के साथ एक द्रोणिका उत्तर बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर-पूर्व अरब सागर तक मध्य और ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों में फैली हुई है। इसके अलावा पूर्व बिहार और आसपास का चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय है, जबकि सौराष्ट्र क्षेत्र में भी निचले और मध्य वायुमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती स्थिति बनी हुई है, जो दक्षिण की ओर झुकी हुई है। ऐसे में आइए जानें अगले 10 दिन का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली में अगले लगभग 10 दिनों के दौरान मौसम के पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। 1 से 7 जुलाई के बीच कई दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ समय पर तेज बारिश और गरज-चमक वाले बादल देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से 2 से 7 जुलाई के दौरान वर्षा की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहेंगी, जब कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश होने और कुछ समय पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान गरज के साथ बिजली चमकने और 40–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, यानी मौसम अपेक्षाकृत सामान्य से थोड़ा नम और सुहावना बना रह सकता है।
यूपी में 10 दिन के मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में अगले लगभग 7-10 दिनों के दौरान मानसून का प्रभावी असर देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 2 जुलाई के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 3 से 5 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि थोड़ी छिटपुट रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 जुलाई के दौरान रुक-रुक कर बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी, जबकि 6 से 7 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा की गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मध्य भारत में मानसून होगा सक्रिय
वहीं मौसम विभाग की वेदर रिपोर्ट के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। साथ ही 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके कारण अगले 5 से 6 दिनों तक मध्य भारत में मानसून काफी सक्रिय रह सकता है।
भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना
इस दौरान दक्षिण गुजरात और कोंकण क्षेत्र में 1 से 5 जुलाई तक, मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई तक, तटीय कर्नाटक में 1 और 2 जुलाई को तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
1 से 7 यहां होगी रुक-रुक कर बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 1 से 7 जुलाई के बीच रुक-रुक कर व्यापक बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी बनी हुई है।
गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की आशंका
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में 1 से 7 जुलाई तक अच्छी बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की भी संभावना है। वहीं असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में भी रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
10 जुलाई तक ऐसे ही हालात
वहीं पश्चिम भारत और दक्षिण भारत के राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 10 जुलाई तक मौसम के ऐसे हालात देखने को मिल सकते हैं।
