Satya Niketan Accident: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद पीजी में रहने वाले छात्र डरे हुए हैं। पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद छात्रों में दहशत है और वे अब दक्षिणी दिल्ली में स्थित पीजी छोड़कर दूसरी जगहों पर जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हादसे के बाद अब वे पीजी में नहीं रहना चाहते। छात्रों के माता-पिता भी चिंतित हैं। बता दें कि बीते सितंबर को हुए हादसे में छात्रों सहित 7 लोगों की मौत हुई है। वहीं, इस घटना के बाद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार विपक्ष के निशाने पर है। यहा मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सत्य निकेतन में इमारत गिरने से जुड़े मुद्दों पर 10 सितंबर को विचार करेगा।
दक्षिणी दिल्ली में छह सितंबर को गिरी पांच मंजिला इमारत।
जमशेदपुर से पढ़ाई करने दिल्ली आए छात्र रविशंकर ने समाचार एजेंसी ANI के साथ बातचीत में कहा कि 'यहां का माहौल बहुत खराब है। हादसे के बाद सभी लोग डरे हुए हैं। अभिभावक भी चिंतित हैं। छात्र लाचार महसूस कर रहे हैं। मैं अब यहां नहीं रहूंगा। मैं अपने दोस्त का सामान अपने पीजी में ले जा रहा हूं।'
जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा-CM
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे में जख्मी छात्रों के परिजनों से यहां एम्स में मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुताबिक, गुप्ता ने परिजनों से छात्रों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि सरकार घायल छात्रों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और छात्रों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। गुप्ता के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। सूत्रों ने कहा कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
रविवार को मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई इमारत
मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों से घायल छात्रों की स्थिति और उन्हें दिए जा रहे उपचार की विस्तृत जानकारी भी ली। सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत रविवार को दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह सत्य निकेतन में इमारत गिरने से जुड़े मुद्दों पर 10 सितंबर को विचार करेगा। न्यायालय ने यह बात दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास मौजूद ’पीजी’ आवास और ऐसी ही अन्य जगहों के तय समय में निरीक्षण तथा सुरक्षा ऑडिट के लिए निर्देश मांगे जाने के बाद कही।
उच्चस्तरीय एमसीडी जांच का आदेश
इसने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही देखे जा चुके मामले को स्थानांतरित कर सकता है। सोमवार को उच्च न्यायालय ने इस घटना की उच्चस्तरीय एमसीडी जांच का आदेश दिया और स्पष्ट किया कि सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती। पूरे देश में रिहायशी इलाकों में बिना मंज़ूरी के निर्माण, अग्नि सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन कर आवासीय जगहों को वाणिज्यिक स्थानों में बदलने जैसे मामलों पर पहले से ही सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत से रविवार की घटना पर तुरंत सुनवाई करने की अपील की गई, जिसमें सात छात्रों की मौत हो गई।
