चंडीगढ़ में दलित समाज के सम्मान को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर दलित-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजे के साथ सड़कों पर उतरकर यह संदेश दिया कि दलित समाज के अपमान को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बावजूद आम आदमी पार्टी का विरोध जारी रहा।
चंडीगढ़ में आप नेताओं का विरोध प्रदर्शन।
इस मुद्दे पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, उनके काम और पूरे दलित समाज का मजाक उड़ाया है। आप ने कांग्रेस को सार्वजनिक माफी का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कांग्रेस की चुप्पी ने उसकी नीयत और नीति दोनों को उजागर कर दिया है।
आप का आरोप है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग द्वारा दलित मंत्री को 'गर्दन मरोड़ने' जैसी धमकी देना केवल एक बयान नहीं, बल्कि दलित नेतृत्व को स्वीकार न कर पाने वाली सोच का प्रमाण है। पार्टी का कहना है कि अगर कांग्रेस में जरा भी नैतिकता बची है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
यह विवाद नया नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुद स्वीकार कर चुके हैं कि पंजाब में दलित आबादी 35-38 प्रतिशत होने के बावजूद कांग्रेस के शीर्ष पदों पर उनका प्रतिनिधित्व नहीं है। इसके विपरीत, AAP सरकार में दलित समाज से छह मंत्री कैबिनेट का हिस्सा हैं।
आप नेताओं का कहना है कि प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस के अन्य नेताओं की टिप्पणियां दलित समाज की पहचान और सम्मान पर सीधा प्रहार हैं। इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता लगातार दलित समाज का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने राजा वडिंग द्वारा एक दलित मंत्री को धमकी देने, प्रताप बाजवा की टिप्पणी और कांग्रेस के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच ही दलित-विरोधी है।
