हरियाणा के अंबाला में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। जांच में सामने आया है कि इस साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठा आतंकी शहजाद भट्टी है, जो सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ रहा था।
आतंकी (सांकेतिक फोटो-Istock)
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ आतंकी कनेक्शन
शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अली अकबर, अनस और जगबीर करीब डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। इसी दौरान वे शहजाद भट्टी से भी जुड़े। बाद में बातचीत को सिग्नल एप पर शिफ्ट कर दिया गया, जहां से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट किया जा रहा था।
दिल्ली में ठहराने से लेकर फंडिंग तक का जिम्मा
सूत्रों के मुताबिक, अली अकबर ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने भट्टी के कहने पर अपने साथियों अनस और जगबीर को दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में अपने दोस्त रहमान के घर ठहराया था। इतना ही नहीं, रहमान को पेमेंट भी पाकिस्तान से भट्टी के जरिए करवाई गई थी।
संवेदनशील इलाकों की रेकी कर भेजे वीडियो
जांच एजेंसियों को पता चला है कि अली अकबर ने दिल्ली के सफदरजंग और निजामुद्दीन समेत पंजाब के मलेरकोटला, पठानकोट और अंबाला कैंट जैसे इलाकों के वीडियो बनाकर भट्टी को भेजे थे। इसके अलावा अन्य संदिग्ध युवकों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी।
हनुमानगढ़ में ब्लास्ट की थी साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि उनका मुख्य निशाना राजस्थान का हनुमानगढ़ था। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अलग-अलग लोकेशन शेयर किए गए थे। योजना के तहत विस्फोटकों से भरा बैग एक चौथे साथी को सौंपना था, लेकिन इससे पहले ही अंबाला एसटीएफ ने पंजाब पुलिस के इनपुट पर कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
ड्रोन से पहुंचा था आरडीएक्स
जांच में यह भी सामने आया है कि अमृतसर में ड्रोन के जरिए आरडीएक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री भेजी गई थी, जिसका इस्तेमाल हमले में होना था।
मोबाइल डेटा खंगाल रही एजेंसियां
फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन से चैट, लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूत जुटा रही हैं। इस मामले में एक चौथे आरोपी की भी तलाश जारी है। अली अकबर अजमेर में ऑटो चलाता था। उसके पिता रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। परिवार में उसका एक भाई और दो बच्चे हैं।
