10 तेंदुओं की खाल बरामदगी मामला: दिल्ली के एनजीओ और शिकारियों के बीच गठजोड़ के आरोप; CEO को दिया गया नोटिस

ग्वालियर-आगरा हाईवे पर चार कथित शिकारियों को 10 तेंदुओं की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय एनजीओ ने अपनी 'फॉरेस्ट वॉच' एंटी-पोचिंग इकाई की कई महीनों की निगरानी के बाद इस कार्रवाई में मदद करने का दावा किया था।

मध्य प्रदेश में 10 तेंदुओं की खाल की बरामदगी के मामले में दिल्ली स्थित एक एनजीओ और कथित शिकारियों के नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच तेज हो गई है। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने एनजीओ से जुड़े दो लोगों को कथित वन्यजीव शिकार मामले में गिरफ्तार किया है। एसटीएसएफ के अधिकारियों का दावा है कि उन्हें मामले से जुड़े पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर अवैध शिकार कराकर बाद में बरामदगी की कार्रवाई को इस तरह अंजाम दिया गया, जिससे एनजीओ और उसके पदाधिकारियों की एंटी-पोचिंग गतिविधियों का रिकॉर्ड मजबूत दिखाया जा सके। हालांकि, Wildlife SOS ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा।

तेंदुओं की खाल बरामदगी मामले में कार्रवाई।

तेंदुओं की खाल बरामदगी मामले में कार्रवाई।

क्या है मामला?

बता दें कि ये मामला 23 जुलाई का है, जब ग्वालियर-आगरा हाईवे पर चार कथित शिकारियों को 10 तेंदुओं की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय Wildlife SOS ने अपनी 'फॉरेस्ट वॉच' एंटी-पोचिंग इकाई की कई महीनों की निगरानी के बाद इस कार्रवाई में मदद करने का दावा किया था।

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