नई दिल्ली। बिगड़ते अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए गुरुवार को वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान को कम कर दिया है। वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी। इससे पहले जून 2022 में वर्ल्ड बैंक ने अनुमान लगाया था कि मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) 7.5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है।
वर्ल्ड बैंक ने कम किया भारत का GDP ग्रोथ अनुमान
भारती अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार मजबूत
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की सालाना बैठक से पहले जारी की गई रिपोर्ट में बैंक ने कहा कि भारत में दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में पुनरुद्धार मजबूत है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 के दौरान भारत की वृद्धि दर 8.7 फीसदी रही थी।
अन्य देशों की तुलना में रही मजबूत वृद्धि
इस संदर्भ में दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हैंस टिमर ने पीटीआई से कहा कि, 'भारत की अर्थव्यवस्था ने साउथ एशिया के बाकी के देशों की तुलना में मजबूत वृद्धि दर्ज कर अच्छा प्रदर्शन किया है। देश ने कोविड-19 के पहले चरण में तेज संकुचन के बाद जोरदार वापसी की है।' आगे उन्होंने कहा कि भारत के ऊपर कोई बड़ा विदेशी कर्ज भी नहीं है। ऐसे में भारत को कोई समस्या नहीं है। इसकी मौद्रिक नीति विवेकपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने विशेष रूप से सर्विस सेक्टर और विशेष रूप से सेवा निर्यात में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन तब भी हमने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और सभी अन्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय वातावरण बिगड़ रहा है।
आरबीआई ने भी कम किया था अनुमान
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (RBI Monetary Policy) के निर्णयों की घोषणा करते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 पीसदी से कम करके 7.0 फीसदी कर दिया है। मालूम हो कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 13.5 फीसदी रही थी। केंद्रीय बैंक ने इस साल अप्रैल में 2022-23 के लिए जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी किया था।
